March 28, 2019

जब तुम होंगे साठ बरस के और मैं होंगी पचपन की ------- mangopeople



"सुना तुमने , मामा गुजर गए "
" हा पता चला आज सुबह ही , सोचा ऑफिस से आओ तब बताती हूँ "
"चाचा कह रहें थें बेटे ने ठीक से ख्याल नहीं रखा | उतना अच्छे से ईलाज नहीं करवाया , नहीं तो बिमारी इतनी बढ़ती नहीं "
" नहीं ऐसा तो नहीं है "
" वो तो ये भी बोल रहें थे कि मामी भी उतना दुःखी नहीं हुई उनकी बिमारी और मौत से "
" इंसान जो दुसरो को देता हैं वही उसे वापस मिलता हैं "
"क्या मतलब | मामा ख्याल नहीं रखते थे क्या परिवार का | पांच बिस्सा जमीन खरीद कर रखी है अब मरने से पहले बताया | अब काम आयेगा ना बेटे और मामी के "
" इस उम्र में मामी जमीन ले कर चाटेगी | पूरा जीवन पैसे की जुगत और कष्ट में निकल गए | सारी दुनियां के घर में गैस चूल्हा आ गया था लेकिन मामा भट्टी पर ही खाना बनवाते रहें मामी से  | यंहा तक की चूल्हा आने के बाद भी मामा के तेवर की मेरी दाल तो भट्टी में ही पकेगी | सबके घर फ्रिज कूलर आ गए लेकिन बिचारि मामी घड़े के पानी से ही पीती रही | बच्चों के साथ सदा बाप वाला ही व्यवहार रखा कभी पिता ना बने कभी "
" फिर भी आदमी बूढ़ा होता हैं तो पत्नी बच्चो की जिम्मेदारी बनती हैं "
"पैसे कमाता पुरुष परिवार की सत्ता और ताकत  के नशे में सबको छोटा ही समझता है | प्रेम की जगह डर का संबंध बना कर रखता हैं |  लेकिन समय बीतता हैं बच्चे बड़े होते और वो बुढ़ा , जिस पैसे के बल पर वो परिवार की सत्ता अपने कब्जे में रखता है वो अब बेकार हो जाती हैं | अब परिवार भी उसके साथ वही व्यवहार करता है जो उसने परिवार के साथ किया होता है | तुम अपने बच्चो पत्नी को प्रेम मत करो उनका ध्यान मत रखो , तो वो क्या बुढ़ापे में तुम्हारा उस तरह ध्यान रखेंगे | पत्नी भी बुढ़ापे में ऐसे पति को भाव नहीं देती | जब तुमने उसे प्रेम नहीं दिया तो वो क्या लौटायेगी | ऐसे पुरुष पत्नी के साथ ख़राब व्यवहार कर अपना ही बुढ़ापा ख़राब करते हैं | सब चले जाते हैं एक पत्नी ही हैं जो मरने तक साथ देती हैं "
" हा कह तो ठीक ही रही हो | ये सर पकड़ कर क्यों बैठी हो "
" सर दर्द हो रहा है तगड़ा , गला और बॉडी भी  शायद सर्दी होने वाली हैं "
" अदरक काली मिर्च वाली चाय बनाता हूँ , उससे आराम मिलेगा "
" हां बना दो अच्छी कड़क बनाना "
"पेन किलर दूँ "
" अरे नहीं जानते हो मुझे एसिडिटी हो जाती हैं "
"ले आओ बाम लगा देता हूँ सर में "
"सुना इतनी देखभाल मत करो मेरी , मै हार्ट अटैक से मर जाउंगी "
" अरे वो तो मैं अपना बुढ़ापा खराब नहीं करना चाहता इसलिए

#फागुन 








3 comments:

  1. आपकी ब्लॉग पोस्ट को आज की ब्लॉग बुलेटिन प्रस्तुति 47वीं पुण्यतिथि - मीना कुमारी और ब्लॉग बुलेटिन में शामिल किया गया है। एक बार आकर हमारा मान जरूर बढ़ाएँ। सादर ... अभिनन्दन।।

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  2. घर घर की कहानी .... नहीं बूढ़े बूढी की कहानी ...
    एक समय आता है जब मौत की बातें भी नहीं डराती हैं ...

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