October 10, 2010

आइये तनाव मुक्त हो कर मज़ाक उडाये इनका - - - - - - - - mangopeople


                                    राजनिती  का  ड्रामा 
                           मेल ऑफ़ दी विक ...............नाटक 
                 राहुल गाँधी ने ये सारा काम किया बस एक घंटे  
                वो भी मीडिया के सामने ये करके उन्हें क्या मिला 
               यदि आप वास्तव में हमारे भारत को बदलना चाहते है 
               तो हमें कुछ भी दिखाने की जरुरत नहीं है आप    
                वास्तव में कुछ कार्य हम खुद आप के पीछे चलेंगे 
                         
                                  करूणानिधि की भूख हड़ताल 
                    दुनिया के इतिहास में यह पहली बार हुआ जब 
                    कोई भूख हड़ताल सिर्फ चार घंटे चली वो भी सारी 
                     सुख सुविधाओं के साथ ये भूख हड़ताल ब्रेकफास्ट 
                    के बाद शुरू हुआ और लंच के पहले ख़त्म हो गया
                                          बोलिये है ना मजेदार 

बंद कीजिये ये सब और एक परिपक्त भारतीय बनिये

    आज कल ब्लॉग जगत में काफी गंभीर बहस चल रही है अब तो मज़ाक पर भी बहस हो रही है की मज़ाक किस पर किया जाये लोग तय नहीं कर पा रहे है मेरी गारंटी है देश के वर्तमान नेता ही एक मात्र ऐसे लोग है जिन पर किया गया मज़ाक और उनकी टाँग खिचाई से  किसी को भी आपत्ति नहीं होगी सब इसका बिना किसी तनाव के मजे ले सकते है और एक सुर में सभी उनका मज़ाक उड़ा सकते है | शुरुआत मैंने की है आइये हाथ बढाइये जितना चाहे दिल खोल कर इनका मज़ाक उड़ाइए और और तनाव मुक्त हो जाइये |

फोटो  ऊपर की सूचना ई -मेल से प्राप्त है | 













43 comments:

  1. एक बेहद कडवे सच को दर्शाती हुयी एक बेहद उम्दा पोस्ट ! आभार !

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  2. जिसकी भी नजर ऊपर वाले फ़ोटो पर पडी है ...कमाल की पैनी नज़र है । आपसे पूरा इत्तेफ़ाक रखते हुए सहमति रखते हैं कि सच में ही आज देश के नेताओं का ही मजाक बनाया जाना उचित है और सर्वथा उचित भी क्योंकि इन्होंने भी पूरे देश को एक मजाक ही बना कर रख दिया है ..। ये होती है..... मेल /एसएमएस से पोस्ट बनाना ...। शुक्रिया

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  3. मुझे भी यह मेल प्राप्त हुआ था....सच में यह नेताओं की नौटंकी का कोई जवाब तो है नहीं... और अभी यहाँ बिहार में चुनाव होने वाले यहाँ तो पूरा मजमा लगा हुआ है.....
    सुनहरी यादें ....

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  4. शिवम भाई वाकई गज़ब लिंक भेजा आभार anshumala आपने कीमती पोस्ट दी है

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  5. अजी अब जनता बेवकुफ़ नही रही, लेकिन कुछ लोग आज भी इन की इन गंदी हरकतो को देख कर इन्हे महान समझते हे, ओर अपना किमती वोट इन्हे डाल कर हम सब को संकट मे डाल देते हे, इस लिये उन लोगो को भी अपने साथ इन साब बातो से अवगत करवाये, इन की असलियत बताये , ओर लोगो को इन की असलियत बताये, धन्यवाद

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  6. वी.पी.सिंह जी भी ऐसे ही झुग्गियों मे रात बिताया करते थे, ये अलग बात है कि उनके आने से पहले झुग्गी में एसी लगा दिये जाते थे और पता नहीं क्या क्या।
    हम तो हो गये जी तनाव मुक्त।

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  7. अब इस राहुल बाबा का क्या तो मजाक उडायें।क्योंकि ये तो इतने भोंदूराम हैं कि यदि इनके मुँह पर ही इनका मजाक उडाया जाएँ तो भी इन्हें तब तक पता न चले जब तक की इनकी मम्मी इन्हें न बताऐ।अयोध्या वाला फैसला आया हुआ हैं और ऐसे नाजुक मौके पर भी पता नहीं कैसे कैसे ऊल जुलूल बयान दे रहा है ।

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  8. @Anshumala ji,chaliye aapne mahaul ko halka fulka bana hi diya hai to kuch aur bhi ho jaaye....mujhe aapka blog 'magnopoeple' bahut pasand hai.kuch din pahle aapne hum sabhi ka test liya tha.engilsh ki achchi khasee exrecise bhi kara di thi.ab soch raha hun ki kyo na aapka bhi tset le hi liya jaye.kya aap raedy hai?yadi aap meri baat ka rpely nahi karengi to ye maana jayega ki aap bhi fial ho gai meri tarah.main seroius hun.

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  9. pata nahin kyon anshumala ji hansi nahin gusaa aa raha hai....Akhir kab tak yeh log janata ko bewakoof banate rahengen....

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  10. मैं तो खुद का मज़ाक़ उड़ाने में विश्‍वास रखता हूं जी...!

    बहुत अच्छी प्रस्तुति।
    या देवी सर्वभूतेषु चेतनेत्यभिधीयते।
    नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।
    नवरात्र के पावन अवसर पर आपको और आपके परिवार के सभी सदस्यों को हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई!

    दुर्नामी लहरें, को याद करते हैं वर्ल्ड डिजास्टर रिडक्शन डे पर , मनोज कुमार, “मनोज” पर!

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  11. आपके ब्लॉग के नाम को सार्थक करता व्यंग है

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  12. ...और इससे समझ भी बढती है
    व्यंग से समझ बढ़नी चाहिए

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  13. @ शिवम जी

    सही कहा कड़वा है पर सच है |

    @ अजय जी

    काश की ऐसी पैनी नजर हर वोटर की हो जाये तो ये नेता देश को मजाक नहीं बना पाएंगे |

    @ उस्ताद जी

    इतने कम नबर देख कर भी दुख नहीं हो रहा पूरा मैटेरियल किसी से कापी किया है मेरा थोड़े है |

    @ शेखर जी

    अरे राजनीति का सबसे बड़ा नौटंकीबाज तो वहीँ है तो मजमा भी वही लगेगा ना |

    @ गिरीश जी

    धन्यवाद

    @ राज भाटिया जी

    सही कहा आपने की कुछ लोग इनकी सच्चाई नहीं जानते और इनको वोट डाल कर गलत करते है पर पर जो लोग इनको जानते है वो वोट ही नहीं डालते वो तो उससे बड़ा गलत काम करते है |

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  14. @ संजय जी

    चलो कोई तो तनाव मुक्त हुआ पोस्ट सार्थक हुई |

    @ राजन जी

    ये क्या कह दिया देश के युवराज भविष्य के प्रधानमंत्री को भोंदूराम कहा दिया चलो ये कह कर कुछ मन हल्का हो गया होगा | राजन जी जरा ऊपर देखिये कितने नंबर मिले है मुझे दस में से सिर्फ तीन यानी फेल वो कहते है ना की नक़ल के लिए भी अक्ल चाहिए तो मै तो वो भी ठीक से नहीं कर सकी फिर भला किसी और टेस्ट में कैसे पास हो पाऊँगी |

    @ मोनिका जी

    हम इनका मजाक उडाये या इन पर गुस्सा करे इनको कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है |

    @ मनोज जी

    बड़ी हिम्मत का काम है |

    @ गौरव जी

    धन्यवाद ऐसे ही समझ बढ़ाते रहिये |

    @ समीर जी

    हमारे देश के वर्तमान नेताओ का मजाक उड़ाना है आप अपनी पसंद का कोई भी चुन ले |

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  15. हां गौरव जी अकेले समझदार बनने पर तो लोग मज़ाक में खपा देंगे।
    चलो न अंशुमाला जी के कहे अनुसार, एक खुबसूरत सी मज़ाक बन लिया जाय?

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  16. अंशुमाला जी,टेस्ट तो हम आपका ले ही चुके हैं।हमारी टिप्पणी को शायद आपने ध्यान से नहीं पढा वर्ना बाकी न सही पर आपके ब्लोग के नाम की स्पेलिंग के साथ हमने जो गुस्ताखी की है उस पर आपका ध्यान जरूर जाता।......वैसे उस्ताद जी ने वास्तव में बहुत नाइंसाफी की है ।......कम से कम साढे तीन नम्बर तो बनते ही हैं ::)

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  17. लेकिन ईमानदारी के लिये पूरे दस :) अगली पोस्ट का इन्तजार रहेगा।धन्यवाद।

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  18. @शाह नवाज जी

    :-) :-)

    @ सुज्ञ जी

    समझदार इन्सान ही मजाक को मजाक में और गंभीर बातो को गंभीरता से लेता है | धन्यवाद



    @राजन जी

    हा हा हा देखा फेल हो गई ना | उस टेस्ट में यही बात तो लिखी थी कि हार आम इन्सान स्पेलिंग पूरी नहीं पढ़ता पहले और आख़िरी के अछरो को देख कर ही उसे पढ़ जाता है फिर मै उन आम इंसानों से अलग नहीं हु मै तो स्वघोषित आम इन्सान हु इस टेस्ट में फेल होना तो मेरा हक़ बनता है |

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  19. जिन्होने देश को मज़ाक बना रखा हो उनसे और क्या उम्मीद कर सकते हैं आप?

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  20. अब मजाक तो उसी का उड़ाया जायेगा तो हमारा उड़ा रहा होगा और सब जानते हैं कि हम सब का मज़ाक कौन उड़ा रहा है?

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  21. सही पकड़ा है आपने..

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  22. वाह! क्या भूख हड़ताल है!किसने किस का मज़ाक बनाया ये तो नेता लोग जानते ही हैं..क्या कहा जाये?

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  23. ऑंखें खोल देना वाला एक सच ....

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  24. @ वंदना जी

    सही कहा आपने उनसे तो कोई उम्मीद नहीं है |

    @ परमजीत सिंह जी

    यहाँ सब इस सच्चाई को जानते है |

    @ साकेत जी

    किसी दिन सच में जनता के पकड़ में आ जाये सारी नौटंकी भूल जायेंगे ये नेता |

    @ अल्पना जी

    सच कहा क्या कहा जाये |


    @ महेंद्र जी

    धन्यवाद

    @ डी के शर्मा जी

    धन्यवाद

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  25. @सुज्ञ जी
    मैं आपकी बात समझ रहा हूँ , इस मजाक/व्यंग का विरोध नहीं करता मैं लेकिन हर बात पर केवल "मजाक का लेबल" लगा देखकर हँसना "नकली समझदारों" के लक्षण हैं, ये तो उन लोगों पर भी हंसने जैसा ही जो उसका विरोध कर आ रहे हों [ऐसे वक्त मैं "सामाजिक जागरूकता" का नकली बल्ब फ्यूज हो जाता है शायद] मानवता, दूरद्रष्टि ये गुण जल्दी ही मजाक बन जायेंगे | शुरुआत उनके प्रतीकों से होती है |
    [कमेन्ट में मेरा नाम था इसलिए उत्तर दिया है, मैं राम और सीता पर बने मजाक/व्यंग के सन्दर्भ में ये बातें कह रहा हूँ, इस लेख की नहीं, अन्य पाठक बिना सन्दर्भ जाने कृपया विचलित न होइएगा]

    ~~~~~~

    सुज्ञ जी का कमेन्ट देख कर तो मुझे अपना जवाब दोबारा रखना पड़ेगा ना ?? :)
    वो भी हटा दें तो बड़ी कृपा होगी , वो बुरा नहीं मानेंगे मैं जानता हूँ
    आभार :)

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  26. @धन्यवाद ऐसे ही समझ बढ़ाते रहिये

    @अंशुमाला जी
    पर अकेला समझदार बन कर करूंगा क्या ?? :))

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  27. नेता दिखावा करते हैं ये तो आजकल बड़ी आम बात हो गई है.सवाल ये है की क्या इसका कोई इलाज है?

    कुँवर कुसुमेश
    ब्लॉग:kunwarkusumesh.blogspot.com

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  28. नेता दिखावा करते हैं ये तो आजकल बड़ी आम बात हो गई है.सवाल ये है की क्या इसका कोई इलाज है?

    कुँवर कुसुमेश
    ब्लॉग:kunwarkusumesh.blogspot.com

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  29. @कुसुमेश जी
    फिलहाल ये व्यंग पढ़े लिखों को तो कुछ कहेगा ही, ये स्टेप भी काफी है,माना अभी मेरे पास ये मेल नहीं था पर यहाँ देखा है

    इसीलिए कहा था मैंने "जानकारी बढ़ाने वाला व्यंग" है

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  30. .... और हाँ

    @अंशुमाला जी
    नारी ब्लॉग पर छपे पहले लेख के लिए बधाई

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  31. हा हा हा हा !

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  32. मुक्ति जी तो चार सांस हास्य में तनाव मुक्त हो गई।:)

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  33. अरे ये तो मजाक बनाने के काबिल भी नहीं .इन्हें देख तो शर्म से सर झुक जाता है .
    बेहतरीन पोस्ट है आपकी.

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  34. @ कुँवर कुसुमेश जी

    हा इलाज क्यों नहीं है इनको वोट मत दीजिये और सभी को इनकी सच्चाई बता कर उन्हें भी इनको वोट देने से रोकिये |

    @ मुक्ति जी

    यह पोस्ट लगाई ही इसीलिए गई थी की सभी तनाव मुक्त हो कर हसे लो जी कम हो गया

    @ सुज्ञ जी

    आशा है आप भी नातव मुक्त हुए होंगे |

    @ शिखा जी

    ये भी सही है कभी कभी तो इनकी बात करके मन कड़वा भी हो जाता है |

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  35. लेखन के लिये “उम्र कैदी” की ओर से शुभकामनाएँ।

    जीवन तो इंसान ही नहीं, बल्कि सभी जीव जीते हैं, लेकिन इस समाज में व्याप्त भ्रष्टाचार, मनमानी और भेदभावपूर्ण व्यवस्था के चलते कुछ लोगों के लिये मानव जीवन ही अभिशाप बन जाता है। अपना घर जेल से भी बुरी जगह बन जाता है। जिसके चलते अनेक लोग मजबूर होकर अपराधी भी बन जाते है। मैंने ऐसे लोगों को अपराधी बनते देखा है। मैंने अपराधी नहीं बनने का मार्ग चुना। मेरा निर्णय कितना सही या गलत था, ये तो पाठकों को तय करना है, लेकिन जो कुछ मैं पिछले तीन दशक से आज तक झेलता रहा हूँ, सह रहा हूँ और सहते रहने को विवश हूँ। उसके लिए कौन जिम्मेदार है? यह आप अर्थात समाज को तय करना है!

    मैं यह जरूर जनता हूँ कि जब तक मुझ जैसे परिस्थितियों में फंसे समस्याग्रस्त लोगों को समाज के लोग अपने हाल पर छोडकर आगे बढते जायेंगे, समाज के हालात लगातार बिगडते ही जायेंगे। बल्कि हालात बिगडते जाने का यह भी एक बडा कारण है।

    भगवान ना करे, लेकिन कल को आप या आपका कोई भी इस प्रकार के षडयन्त्र का कभी भी शिकार हो सकता है!

    अत: यदि आपके पास केवल कुछ मिनट का समय हो तो कृपया मुझ "उम्र-कैदी" का निम्न ब्लॉग पढने का कष्ट करें हो सकता है कि आपके अनुभवों/विचारों से मुझे कोई दिशा मिल जाये या मेरा जीवन संघर्ष आपके या अन्य किसी के काम आ जाये! लेकिन मुझे दया या रहम या दिखावटी सहानुभूति की जरूरत नहीं है।

    थोड़े से ज्ञान के आधार पर, यह ब्लॉग मैं खुद लिख रहा हूँ, इसे और अच्छा बनाने के लिए तथा अधिकतम पाठकों तक पहुँचाने के लिए तकनीकी जानकारी प्रदान करने वालों का आभारी रहूँगा।

    http://umraquaidi.blogspot.com/

    उक्त ब्लॉग पर आपकी एक सार्थक व मार्गदर्शक टिप्पणी की उम्मीद के साथ-आपका शुभचिन्तक
    “उम्र कैदी”

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  36. आपका यह आलेख पढकर अच्छा लगा।

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  37. अपकी यह पोस्ट अच्छी लगी।
    हज़ामत पर टिप्पणी के लिए आभार!

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  38. अपकी यह पोस्ट अच्छी लगी।
    तीन गो बुरबक! (थ्री इडियट्स!)-2 पर टिप्पणी के लिए आभार!

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  39. .

    Indeed an interesting post. Worth laughing at these ignorant politicians. I am truly stress free after reading this post.

    < Smiles >

    .

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