August 18, 2019

मज़बूरी या लालच ------- mangopeople

आपने लाखो रुपये लगा कर घर ख़रीदा और कुछ ही साल में पता चले की बिल्डिंग खतरनाक हो गई हैं तो आप क्या करेंगे | रूपया लगाया हैं इस बात का रोना रोते हुए उसी घर में बने रहेंगे या अपना और अपने परिवार के जान की परवाह करते हुए उसे खाली कर देंगे |
मुंबई में गिरने वाली कई मंजिला पुरानी इमारते लालच , अवैध कब्जे का एक खतरनाक रूप सामने रखती हैं | वास्तव में साठ से सौ साल पुराने चाल या कई मंजिले वाली इमारतों में रहने वाले उसके असली मालिक नहीं होते हैं | वो सब उस मकान के किरायदार होते हैं और सालों से मात्र १० रुपये  से सौ दो सौ रुपये किराये पर उसमे रह रहें होते हैं और माकन मालिक बन जाते हैं |
इनमे से भी बहुत सारे इस किराये को भी नहीं चुकाते हैं | मान लीजिये किसी का बाहर कही ट्रांसफर हो गया या अपना बड़ा घर बन जाता हैं तो ये उस किराए के मकान को किसी और को बेच देते थें  कुछ पैसे ले कर | खाली करके युहीं नहीं जाते थे |
अब सोचिये इतना कम किराया पाने वाला मकान मालिक उस मकान की क्या मरम्मत करायेगा या दुरुस्त रखेगा | नतीजा बिना मरम्मत और देखभाल के और  इतने साल होने के बाद ईमारत जर्जर हो जाती हैं |
लेकिन इसके बाद भी उसमे रहने वाले कोई भी उसे खाली करने को तैयार नहीं होते हैं | क्योकि वो बिना किसी लिखा पढ़ी के वो घर खाली करके गए तो उनका कब्ज़ा उस मकान से चला जायेगा | फिर उसके बदले मिलने वाला फ्री के फ़्लैट हाथ से निकल जायेगा |
नतीजा वो अपने और अपने परिवार की जान दांव पर लगाने के लिए राजी हो जाते हैं लेकिन मकान नहीं छोड़ते हैं | कुछ लोग तर्क देतें हैं  वो गरीब हैं कहाँ जायेंगे |
आप अपने आप को वहां रख कर देखिये आप ऐसी इमारत में रहने के बजाए अपने परिवार के साथ  सड़क पर सुरक्षित रहना नहीं  पसंद करेंगे |   भाई जान हैं तो जहान  हैं जान ज्यादा जरुरी हैं या कब्जे का मकान |
होता ये हैं कि ऐसे मकानों को सरकारे अधिग्रहित कर उसको फिर से डेवलप करती हैं और सभी किरायदारों को फ़्लैट मालिक बना देतीं हैं और इमारत दुबारा बनने के दौरान उन्हें रहने के लिए घर भी देती हैं  |
कुछ लोग जिनके पास जगह बड़ी या खाली जगह ज्यादा होता हैं तो वो  नीजि बड़े बिल्डर से ये पुनः निर्माण करवाते हैं इसमें बची हुई बाकी की जगह बिल्डर की हो जाती हैं  | पुनः निर्माण के बाद हजारो का घर रातो रात लाखों करोडो का हो जाता हैं | ईमारत किस स्थान पर हैं बाजार भाव उस पर निर्भर हैं |
जो सरकार गरीबो के भलाई के लिए अपने पैसे पर घर बना कर देती हैं वो बेचारे गरीब सात और दस साल तक घर नहीं बेचने की शर्त को बड़े आराम से तोड़ कर उन्हें तुरंत बेच कर फिर किसी जर्जर चाल झोपड़े या शहर के बाहर किसी जगह रहने चले जाते हैं | घर को पवार ऑफ़ अटर्नी पर बेच दिया जाता हैं |
सरकारी कागजो पर नाम नहीं बदला जाता हैं | नतीजा सालों बाद जब उस ईमारत एक सोसायटी बन जाती हैं और नाम बदलना होता हैं तो यही पुराने किरायेदार नए मकान मालिक से वर्तमान समय के भाव से मकान की  चौथाई कीमत तक की मांग फिर से  करते हैं | या तो वो रकम दे कर मकान अपने नाम पर करों या फिर वकील से कुछ तिकड़म लगवाओ या  बस उसमे रहते रहो उसको बेचना एक मुश्किल काम हो जाता हैं |
जो मकान मालिक पुनः निर्माण के लिए राजी नहीं होते उन पर वोट के लालच में इलाके के नेता परेता दबाव डालते हैं | बाप दादा के मेहनत की संपत्ति कौड़ियों के भाव में चली जाती हैं | मकान मालिक को मुआवजे के नाम पर किसानो से भी कम कीमत मिलती हैं | जिसे कीमत कहना ही गलत होगा |
इसका ही नतीजा हैं कि मुंबई जैसी जगह में हजारों घर खाली पड़े हैं लेकिन कोई उन्हें किराये पर नहीं देता हैं | जो लोग घर  किराये पर देतें हैं वो बहुत कम समय के लिए देतें हैं |
एक व्यक्ति को ग्यारह ग्यारह महीने के दो टर्म से ज्यादा कोई उस घर में रहने नहीं देता | भले आप दूसरे से ज्यादा पैसे दे लेकिन माकन मालिक आपको निकाल ही देता हैं | कुछ लोग ही क़ानूनी तौर  पर पांच साल के लीज पर देते हैं |
यहाँ ज्यादातर पुरे बारह महीने का किराया एक साथ वसूल लिया जाता हैं , हर महीने नहीं लिया जाता हैं |
इसलिए मुंबई में संपत्ति दिलाने वाले दलालों की भरमार हैं | मकान बेचने से ज्यादा वो किरायेदारी से पैसे कमाते हैं | एक महीने का किराया दोनों पार्टी से वो वसूलते हैं |
इसलिए आगे से ऐसी इमारतों के गिरने पर सरकार प्रशासन और मकान मालिकों को कोसने के पहले एक बार सोचियेगा |



August 16, 2019

सजन मिल न सकेंगे दो मन एक ही आंगन में -------mangopeople

🎼अबके सजन सावन में ,आग लगेगी बदन में 
घटा बरसेगी , मगर तरसेगी 
सजन मिल न सकेंगे दो मन एक ही आंगन में 🎼

"सोफा क्यों खोल रही हो 🤔 | क्या बात हैं तकिया , पॉपकार्न सब बड़ी तैयारी😃 | आज ड्राइंग रूम में ही सोना हैं क्या | इरादा ठीक नहीं लग रहा तुम्हारा😍😘 "
"एकदम ख़राब इरादा हैं आज😍 | फटाफट बंद करो अपना लैपटॉप ,काम धंधा 😘
" क्यों 🤔 "
" टीवी पर एक बहुत ही रोमांटिक फिल्म आने वाली हैं PS i love you 😍| जानते टॉप टेन रोमांटिक नॉवेल में ये टॉप पर था , उस पर बनी फिल्म सोचो कितनी रोमांटिक होगी | उस पर से कितनी जोरदार बारिश हो रही हैं मौसम भी एकदम रोमांटिक हुआ पड़ा हैं 😍😘"
"बस दस पंद्रह मिनट का काम हैं यार | ये रिपोर्ट बना कर मेल करना हैं बस , फिर साथ में बैठ कर देखेंगे 🥰 "
" बाद में नहीं कर सकते हो 😔"
"जरुरी हैं आज ही सच्ची , कल संडे हैं , बस थोड़ा देर 🥰"
" लो फिल्म भी शुरू हो गई अरे वाह ये तो मैरेड कपल की लव स्टोरी हैं | अब तो देखने में और मजा आयेगा 😃| अरे ये क्या फिल्म शुरू होते ही हीरो मर गया ये कैसी लव स्टोरी हैं 🤔"
"सुनो , तुम ऐसी कमेंट्री करती रहोगी तो मेरा काम खत्म नहीं होगा 🙄"
"मेरे सामने रहोगे तो मैं बोलती रहूंगी😄"
"ठीक हैं मैं बेडरूम में चला जाता हूँ काम ख़त्म करकेआता हूँ जल्दी से😇"
पंद्रह मिनट बाद बेडरूम के दरवाजे पर खटर पटर की आवाज हुई
" तुम दरवाजे पर कुंडी लगा रहें हो इतना डिस्टर्ब कर रहा हैं तुम्हे टीवी की आवाज और आवाज तेज कर देतीं हूँ बंद दरवाजे से भी अंदर जायेगी😲😫"
उसके बाद हमने इंतज़ार में ही पूरी फिल्म अकेले देख ली | खैर सोने के लिए दरवाजा नॉक किया ये सोच कर की वो अब भी काम ही कर रहें होंगे लेकिन दरवाजा खुलते ही मेरा गुस्सा और बढ़ा क्योकि लाइट बंद थी 😡 और उनके चेहरे की हवाइयां उडी थी " ओ माई गॉड 😱"
"भूल गये ना कि मै तुम्हारा इंतजार कर रहीं हूँ और सो गये ना 😔 "
"अरे नहीं वो क्या हुआ की जब मैं कमरे में अंदर आया तो दरवाजे की ऊपर से कुंडी बंद कर दी थी 😔 | जब काम ख़त्म करने के बाद दरवाजे को खोलने की कोशिश की तो खुला नहीं मैंने सोचा तुम ने गुस्से में बाहर से बंद कर दिया होगा 😯😥 | मैंने ऊपर दरवाजे पर देखा ही नहीं की वो अंदर से बंद हैं | फिर तुमने गुस्से में कुछ चिल्ला कर बोला और टीवी का वॉल्यूम बढ़ा दिया तो पक्का हो गया तुमने ही दरवाजा बाहर से बंद किया हैं और मैं भी गुस्से में लेट गया 😅 "
"तुम मजाक कर रहें हो ना 😳🥺 "
"अरे नहीं मजाक नहीं कर रहा 😅 | अभी तुम्हारे नॉक करने पर देखा की ये तो अंदर से बंद हैं "
" वॉव 😡 ! जानते हो आज तुम्हारा लकी दिन हैं आज तुम्हे सोफे पर नहीं सोना होगा क्योकि मैंने उसे पूरा ओपन करके बेड बना दिया हैं , आराम से सोओगे उस पर , निकल जाओ मेरे कमरे से 😠😡 "
"नहीं जाऊंगा , ये मेरा भी बेडरूम हैं 😘 "
"ठीक हैं , फिर तुम ही यहाँ रहो मैं ही जाती हूँ 😩"
"नहीं तुम्हे भी नहीं जाने दूंगा ये हमारा बेडरूम हैं 😅🥰 "
" छोडो मुझे | इतनी बड़ी अक्लमंदी तुम कर कैसे लेते हो 😔 "
"सॉरी यार काम के धुन में याद ही नहीं रहा 😅 "
"😏😔"
#सावन हो या #वसंत जिंदगी में उसे पकड़ कर रखना चाहिए वरना #पतझड़ के आते देर नहीं लगती 😄

August 14, 2019

तू खिंच मेरी फोटो पिया -------mangopeople


                                         ये जानना था कि पत्नी की अच्छी फोटो खींचने वाला पति , पाने के लिए कितने सावन के सोमवार का व्रत रखना पड़ता हैं 😁 | ना ना यहाँ मैं पत्नी को सुन्दर 😍दिखाने वाले फोटो की बात ना कर रहीं , बस पत्नी की ढंग की फोटो खींचने की बात कर रही 😄|
 हम पत्नियां पति बच्चो आदि की सुन्दर सुन्दर अच्छी अच्छी फोटो ले लेते हैं 🥰😍 लेकिन जब बात हमारी फोटो की आती हैं तो हर मामले में खुद को खिलाड़ी साबित करने का असफल प्रयास करने वाला पति फटाफट अनाड़ी बन जाता हैं 🙄😏🤨|
 एक बार बोल दीजिये अच्छी नई ड्रेस ली हैं एक फोटो तो लो | ऐसी फोटो ली जायेगी कि उसमे आपकी पूरी ड्रेस ही नजर नहीं आयेगी , फोटो कमर तक होगी💁‍♀️ | फिर कहिये पूरी ड्रेस तो आने दो , तो आधे फोटो में घर की छत और दीवारे होंगी नीचे कहीं आप खड़ी मिलेंगी जिसमे ना तो हम नजर आएंगे न हमारी ड्रेस |
शिमीला मंसूरी की किसी फोटो में हम तो नजर आएंगे लेकिन उसमे वो सुन्दर वादियां नजर नहीं आयेंगी | या फिर ऐसी फोटो होगी जिसम बस सुन्दर वादियां ही नजर आयेंगी हम कहीं फोटो में एक बिंदु मात्र होंगे |
समंदर के साथ फोटो लेते समय हमारे आस पास इतनी भीड़ होगी कि ये पता करना नामुमकिन हो जायेगा की फोटो असल में ली किसकी गई हैं और भीड़ में आप हैं कहाँ |
कभी कभी फोटो लेने में इतनी देर लगायेंगे की मुस्कराते मुस्कराते😊 गाल दुख जायेगा लेकिन उनकी फोटो क्लिक नहीं होगी और जैसे ही कुछ बोलने के लिए मुंह खोलेंगे 😲😧या गुस्सा 😡 करेंगे बिलकुल उसी समय फोटो क्लिक किया जायेगा | फिर दोष दिया जायेगा थोड़ा और देर और नहीं रुक सकती थी खिंच तो रहा था |
कभी कभी तो हद ही हो जाती हैं , जब आपकी सुंदर सी फोटो आ तो जाती हैं गलती से , लेकिन फिर आप देखेंगी कि फोटो में नीचे दो जूते या चप्पल उलटे पड़े हुए होंगे 🤦‍♀️, या बाहर ली गई फोटो में कोई गंदा सा कुत्ता आपके बगल में खड़ा होगा 🤦‍♀️, शादी ब्याह की फोटो में पीछे कोई बड़ा सा मुंह खोल कर खाना भकोस रहा होगा 🤦‍♀️, या सामने से गुजर रहें लोग कैमरे में इस तरह देख रहें होंगे जैसे फोटो उनकी या उनके साथ ली गई हैं 🤦‍♀️, कभी कोई बच्चा नाक में उंगली करता या जोर जोर से रोता खड़ा होगा 🤦‍♀️ | अब इसके लिए क्या क्या बताया जाये 🤦‍♀️ |
एक बार सीखा पढ़ा दो कि मेरी फोटो ले रहें हो तो सेंटर में मुझे होना चाहिए , एक नजर मेरे बाल कपड़ो और खड़े होने का पोजीशन देख लो , आस पास कोई फालतू की चीज तो नहीं आ रही देख लो फिर फोटो लो | फिर उसके बाद फोटो लेते समय इतना समय लगेगा 😢 कि आपको समझ आ जायेंगे कि पति पत्नी का साथ जन्म जमांतर या सात जनम का क्यों होता हैं | एक जनम तो पत्नी की ढंग की एक फोटो लेने में ही निकल जानी हैं 🥺😩 |
बच्चों के साथ कुछ स्टाइल में , अच्छे पोज़ में फोटो खींचना चाहों तो ऐसे एंगल से ऐसी फोटो ली जायेगी कि कभी कभी पूछना पड़ता हैं कही कोई कोर्स किया हैं क्या " फोटो कैसे बिगाड़े का" 🙄| कभी उनके साथ ही किसी अच्छे पोज़ में फोटो लेना चाहो तो बस फिर तो उस फोटो का बंटाधार होने से कोई नहीं रोक सकता | खुद तो कोई अच्छा स्टाइल , पोज़ करते नहीं और मैंने बताया तो उसकी टांग तोड़ दी 😏 | 
हे महादेव 🙏! ये २१वी सदी हैं कोनो नया व्रत निकालो | १६ सोमवार में अच्छा पति और ३२ सोमवार में अच्छा फोटो खींचने के साथ हर संडे खाना बनाने वाले पति का वरदान हो 🙏

August 12, 2019

मेरी राहें तेरे तक हैं तुझपे ही तो मेरा हक है --------mangopeople


"खोल रहा था इतना क्या घंटी बजाये जा रही थी | लग रहा हैं बरसात में ज्यादा भींग गई हो ठंड लग रही हैं 😄 "

"उफ़ 😫! कोई गैलरी से सुट्टे मार कर गया है | पूरी गैलरी उसके महक से भरी पड़ी हैं , थोड़ा देर करते दरवाजा खोलने में तो यही बेहोश हो जाती "

"अपने फ्लोर पर कोई नहीं पीता 🤔बाहर का कोई रहा होगा "

" ये बताओ तुम दिन के कितने सुट्टे मार लेते हो 😃 "

"शादी के एक साल से ऊपर हो गए और तुम्हे ये नहीं पता की मैं नहीं पीता 😯😮"

"झूठे 🙄, भूल गये इंगेज्मेंट के बाद तुमने ही फोन पर मुझे बताया था की तुम पीते हो "

" हा एक दो पी लेता था , फिर तुमने उस दिन कहा की अच्छा नहीं होता तो छोड़ दिया 😃 "

"सच्ची छोड़ दिया😍😗 "

"इतने दिनों से देखा क्या 🙄 "

" मुझे लगा ऑफिस जा कर पीते होंगे 😅| सच बोलूं तो मुझे आज के पहले ये याद ही नहीं था "

"तुम्हे क्यों याद रहेगा, तुम्हारे बस एक बार कहने पर क्या क्या छोड़ दिया और तुम्हे पता भी नहीं 😇 "

"क्या क्या मतलब इसके आलावा और क्या 🤔 "

"सिगरेट छोड़ दिया बियर छोड़ दिया 😍😗 "

" मैंने कब शराब छोड़ने के लिए कहा🤔 "

"शराब नहीं बियर पीता था 😄 "

"एक ही बात हुई😅 "

"एक बात नहीं होती 🤨 "

"लेकिन एक मिनट मैंने कब तुमसे शराब छोड़ने के लिए कहा 🙄"

"शराब नहीं बियर , बियर कहा था 🙄| कम से कम बियर कहो इतनी देर लग रहा हैं जैसे मैं कितना बड़ा शराबी था और बीबी की डांट सुन रहा हूँ शराब पी के आने पर 😔😔😔"

"हा वही वही 😄| जब मेरे पूछने पर तुमने मुझे बताया की की तुम दोनों पीते हो | तो मुझे लगा अगर दोनों मना किया , क्योकि मुझे दोनों ही चीजे पसंद नहीं , तो तुम क्या सोचोगे अभी से तुम पर रोक टोक लगा रहीं हूँ तुम्हारी आजादी खतरे में हैं | इसलिए दोनों में से के चीज चुनी सिगरेट | वो तुम्हारे हेल्थ के लिए ज्यादा खतरनाक था इसलिए सिर्फ उसे ही छोड़ने के लिए कहा था | और हां वो भी सिर्फ एक ही बार कहा था उस बारे में फिर कभी दुबारा हमारी बात नहीं हुई 😇"

"देखा तुमने बस एक बार कहा और मैंने छोड़ दी 😍😗 "

"लेकिन शराब सॉरी सॉरी😅 बियर के लिए मैंने कब मना किया मुझे तो बिलकुल याद नहीं 🤔"

" जब उस शाम मैं बियर पी के आया था तो तुमने नहीं कहा मुझसे बारह फिट दूर रहो 😔 "

"हा तो मुझसे दूर रहने के लिए कहा था वो भी बस बारह फिट ,बियर छोड़ने के लिए एक बार नहीं कहा था 😇"

"और वो बारह फिट तुमने हमारे बेडरूम की लम्बाई चौड़ाई आँखों से नापने के बाद कहा था | उसके पहले दस कहा था 🙄"

"हां तो 😁, तुम चार फिट मुझसे दूर थे और मैंने बता दिया की तुम कुछ पी के आये हो | सोचो पूरी शाम और रात तुम्हारे साथ कैसे कटती मेरी | मैं तो तुम्हे चार के बाद पांचवी बार डियो भी स्प्रे करने नहीं देती उसकी तेज स्मेल मुझे बर्दास्त नहीं होती | फिर भी मैंने तुमसे कभी बियर छोड़ने के लिए नहीं कहा था | उसके बाद तुम शायद कभी पी के नहीं आये 🤗"

"तुम्हे पसंद नहीं था तो मैंने नहीं पी 😇 "

"और आज एक साल बाद अफ़सोस हो रहा हैं ना बियर और बीबी में से बीबी क्यों चुनी , बियर चुन लेना था एक ही रात की तो बात थी | अभी भी देर नहीं हुई हैं तुम चाहो तो बियर और बीबी में से बियर चुन सकते हो | बस एक ही रात की तो बात हैं 😆"

"कोई जरुरत नहीं हैं | मुझे जो सेलेक्ट करना था कर लिया 😅 "

"चाय पियोगे 😍😙"

" रुको मैं बनता हूँ | तुम चेंज कर लो "

"दो कप बनाना मेरे लिए भी 😊 "

" आज चाय पीने का मन कैसे कर गया तुम्हारा 😀"

" इतनी अच्छी बरसात हो रही हैं सोचा तुम्हारा साथ दे दूँ 🥰😍😘 "

"सब कुछ खोके, तुझको ही पाऊँगा
मैं तेरा बन जाऊँगा
मेरी राहें तेरे तक हैं
तुझपे ही तो मेरा हक है
इश्क़ मेरा तू बेशक है
तुझपे ही तो मेरा हक है"
कुछ गाने बहुत देर से बनते हैं उन एहसासों को बहुत पहले ही जिया जा चुका होता हैं
#सावन 

June 29, 2019

स्त्री और उसकी पवित्रता-------mangopeople


                                      दक्षिणभारतीय गुरु ने मेरा डांस वही रोक दिया जब मैंने  सीता हरण के दृश्य में रावण को सीता का हाथ पकड़ खींचते दिखाया | अरे भाई ये तुमने क्या किया रावण ने सीता का हाथ कैसे पकड़ लिया सीता इतनी पवित्र थी ,  भला रावण की हिम्मत कैसे थी की वो उन्हें हाथ लगा देता | फिर मुझे पता चला की रामायण के अनेको वर्जन में से  दक्षिणभारतीय  वर्जन में रावण हरण के समय सीता का हाथ नहीं पकड़ता बल्कि उनके लक्ष्मण रेखा के बाहर आने पर जहाँ वो खड़ी होती हैं वहां की धरती सहित उन्हें उड़ा लेता हैं |
                                    आश्चर्य हुआ इस पर , नये वर्जन से नहीं ,स्त्री को लेकर पवित्रता की इस भारतीय सोच से | कोई पराया मर्द गलत सही नियत से स्त्री को हाथ लगा दे तो स्त्री की ही पवित्रता नष्ट हो जाती हैं | स्त्री की पवित्रता शुद्धता इसमें हैं कि पराया मर्द की उंगली भी उसे ना छू जाए , हा अपना मर्द उसके साथ जो चाहे करे , चाहे उसमे उसकी मर्जी हो या ना हो | वो चाहे तो उसे प्रेम करे चाहे तो उसे पीट दे | वैसे गलत सही नियत से किसी पराई स्त्री को छूने वाले उस पराये पुरुष की पवित्रता का क्या होता हैं इस बारे में कही कुछ शायद नहीं लिखा बोला गया हैं | या तो उसकी पवित्रता को कुछ नहीं होता हैं या ये पवित्रता जैसी बाते बस स्त्री के लिए ही होती हैं |
                                       वैसे कुछ सवाल पूछने की  इच्छा थी कि जब सीता पवित्र थीं तो फिर उनकी अग्नि परीक्षा क्यों ली गई  और सूर्पनखा के नाक कान काटते समय लक्षण ने मर्यादा का पालन करते हुए  बिना छुए ये काम किया था या मर्यादा तोड़ी थी | नहीं पूछा ये सवाल जानती थी जिस बात का जवाब ही नहीं होगा उसे क्या पूछना | लेकिन समस्या ये हैं कि पुरातन समय में लिखी गई कथा और उसकी सोच का आज भी पालन होता हैं | आज भी स्त्री की पवित्रता चरित्र को लेकर ऊँचे  मानदंड रखे जाते हैं |


June 25, 2019

तृप्ति -----mangopeople


                                                        सेठ जी हाथ में खीर पूड़ी और दो लड्डू लिए अब भी ऊपर पेड़ पर कौवो को खोज रहें थे , जिनकी आवाज तो आ रही थी लेकिन दिख नहीं रहे थे | सामने फुटपाथ पर पड़ा गोबर और थोड़ी घास बता रही थी कि रोज वहां अपनी गाय लाने वाली वाली अपनी गाय लेकर जा चुकी हैं |  अब मुंबई जैसे शहर में उन्हें कहाँ रास्ते में  घूमती गाय मिलेगी  | मन ही मन सोचने लगे क्या इस पितृपक्ष को मेरे पितर अतृप्त ही रह जायेंगे | यहाँ तो कोई जानवर पंछी  दिख ही नहीं रहा जो उनके पितरो तक उनका दिया भोजन पहुंचा सके | तभी किनारे खड़े दो बच्चो पर उनकी नजर गई शायद फुटपाथ पर रहने वालों के थे | एक पांच छह साल का दूसरा सात आठ साल का रहा होगा | उनके गंदे बदन पर फटी गंदी पैंट के सिवा कुछ ना था | उनकी नज़रे पेड़ के नीचे ढेर सारे पत्तलों में रखे तरह तरह के खानो पर थी जिन पर मखियाँ भिनभिना रही थी | सेठ जी ने एक नजर घड़ी पर डाली और अपना पत्तल भी वही उन पकवानो के ढेर के बगल में रख दिया और हाथ जोड़ आगे बढ़ने से पहले आँखों से उन बच्चो को घूर कर हिदायत दे दी की वो उस खाने को खाने के बारे में सोचे भी नहीं | जैसे ही वो आगे बढे एक तेज हवा का झोका ढलान पर रखे लड्डुओं को लुढ़का कर उन पकवानो से दूर कर दिया | सामने खड़े बच्चो ने एक नजर एक दूसरे को देखा और झट उन लड्डुओं को मुट्ठी में भींच पास की दिवार की ओट में छुप गयें  |  दिवार के पीछे दो तृप्त आत्माएं अपनी हथेलियों की मिठास के मजे ले रहीं थी |
#लघुकथा 

June 20, 2019

मम्मीगिरि-----mangopeople


  "पार्थवी ऐसे गद्दे पर स्लाइड मत करो गद्दा ख़राब हो जायेगा " 
" तुम्ही ने तो स्लाइड बनाया हैं | मम्मी तुम भी करो मजा आ रहा है " तीन साल की पार्थवी👧
"मै बेड के अंदर से सामान निकल रहीं हूँ इसलिए गद्दा ऐसे रखा हैं | तुम्हारे ऐसे सरकने के लिए नहीं "
"तुम भी अपने बचपन में ऐसी ही स्लाइड करती होगी इस पर , तभी तुमने गद्दा ख़राब कर दिया होगा 👧 "
"नहीं मैं इस पर सरकती ही नहीं थी "
"क्यों तुम्हे मजा नहीं आता था 🤔 "
" अरे मै अपने बचपन में यहाँ थोड़े रहती थी "
"यहाँ नहीं रहती थी तो कहाँ रहती थी😯 "
"अपने घर अपने मम्मी पापा के पास "
" तुम्हारे भी मम्मी पापा हैं 😯"
"क्यों मेरे मम्मी पापा नहीं होंगे क्या 🤦‍♀️ "
"तो तुम्हारे मम्मी पापा कौन हैं 🤔"
"नाना नानी मेरे मम्मी पापा हैं | तुम्हे नहीं पता था क्या " उस दिन पता चला हमारी बिटिया को मेरे और नाना नानी के रिश्ते के बारे में नहीं पता हैं 🤦‍♀️|
"नाना नानी तुम्हारे मम्मी पापा हैं | फिर तुम अपने मम्मी पापा को छोड़ कर यहाँ कैसे आ गई 😯 "
"तुम्हारे पापा से शादी करके "
" शादी करके पापा लोगों के घर आ जाते हैं क्या "
" हा मम्मी लोग पापा लोगों के घर आ जाती हैं "
चार घंटे बाद पार्थवी शाम को मेरे पास आई और बोला
"मम्मी मै शादी नहीं करुँगी 😌 "
कुछ पलो सोचना पड़ा 😯ये अचानक से क्या हुआ कि मेरी इतनी छुटकी सी लड़की ऐसा बोल रही हैं | फिर सुबह की घटना याद आई और ध्यान गया की ये तब से चुपचाप सोफे पर बैठी हैं ना खेली ना मुझसे बात किया | अपने काम केचक्कर में मैंने भी उस पर ध्यान नहीं दिया और ये तब से उसी बात को सोच रही थी उसे समझने की कोशिश कर रही थी | तो हमने भी अंदर की हँसी दबाते हुए बस मुस्कुरा कर कहा
"ओके ठीक हैं मत करना😇 "
"तुम भी मुझे मत कहना की शादी कर लो🙄 "
"ओके कभी नहीं कहूँगी😄 "
"मैं कभी तुम लोगों को छोड़ कर नहीं जाउंगी 🥺 "
"ओके ठीक हैं , जैसी तुम्हारी मर्जी 🤭"
रात में जब पापा जी आयें तो दरवाजा खुद खोलते ही उन्हें सीधा फरमान सुनाया गया "पापा मैं कभी शादी नहीं करुँगी "पापा बेचारे हैरान परेशान 😲ये तीन साल की बिटिया क्या बक रही हैं | उनकी सवालियां नज़रे सीधा मेरी तरफ हमने कहाँ " मुझे क्या देख रहें हो | पार्थवी ने बोला ना वो शादी नहीं करेगी , चलो तुम तो पार्टी दो , मुझे तो बड़ी ख़ुशी हैं 🤗"
"पार्टी किस ख़ुशी में 🙄"
"पार्टी इस ख़ुशी में क्योकि हमारी बिटिया सोच सकती हैं बातों को समझ कर उस पर विचार कर सकती हैं और उस पर निर्णय भी ले सकती हैं और सबसे बड़ी बात बिना किसी डर के वो हमें आ कर अपना डिसीजन सूना भी सकती हैं | मैंने उससे एक बार भी नहीं कहा कि उसकी शादी होगी उसे घर छोड़ कर जाना होगा | उसने खुद से ही अपना दिमाग लगा कर सोचा और ये भी सोचा लिया की वो ऐसा नहीं करेगी | मेरे लिए तो ये पार्टी की बात हैं भाई | लेकिन तुम्हारे लिए ये टेंशन की बात हैं 😅 "
"क्यों 🤔"
" अपने मन का करने वाली बीबी के बाद अब अपने मन का करने वाली बिटिया भी आ गई हैं , वो भी तुम्हारी सुनने वाली नहीं हैं 😆😆 "
उस दिन ख्याल आया की एकल परिवार होने पर बच्चों को बहुत सी बातों की जानकारी नहीं होती जो मुझे अपनी तरफ से सोच कर उसे समझाना हैं | दूसरे हमारी बिटिया के पास सोचने समझने सवाल करने वाला और निर्णय काने वाला दिमाग हैं | वैसे ये किस्सा यहीं ख़त्म नहीं हुआ कभी बार कही बोली जा रही चीजें बड़ी दूर तक जाती है यही इस किस्से के साथ भी हुआ |

June 18, 2019

साली जिंदगी-------mangopeople

                                                        एक शाम मन किया आज पनीर टिक्का मसाला  बनाया जाये बाकि सब घर में  था बस पनीर लाना था |  पास के ही दुकान पर मलाई पनीर न था , सादा पनीर था |  सोचा जब खाना हैं तो अच्छा खाओ वरना मत खाओ , यहाँ नहीं मिला तो दूर वाली दुकान से लाती हूँ  | लेकिन जब वहां पहुंची तो वो बंद था  तब याद आया दुकान तो पांच बजे खुलती हैं और अभी बीस मीनट बाकि हैं | अब इतनी मेहनत की थी तो वापस क्या आती बीस मीनट फल वाले के पास ना चाहते हुए ढेर सारे फल लिए और अपनी पसंद का मलाई पनीर ले घर आई |
                                                 
                                                      पनीर , शिमला मिर्च , टमाटर और प्याज सब अच्छे से  चौकोर टुकड़ो में काट , मेरिनेट करने के लिए अदरक लहन का पेस्ट तैयार कर  प्लेटफार्म पर सजाया था कि जोरदार बारिश और पतिदेव का आगमन एक साथ हुआ | इस समय मैं रसोई में होती नहीं कुछ खास हैं  सोच पतिदेव सीधा रसोई में ही आये और सारी तैयारी देख खूब खुश हो कर बोला " क्या बात हैं तुम तो मेरे पेट की आवाज सुन लेती हो |  सोच ही रहा था घर चलके तुमको बोलता हूँ लेकिन तुम तो पहले ही पकौड़ो की तैयारी करके बैठी हो | वाह प्याज के साथ पनीर और शिमला मिर्च के भी पकौड़े , बस मजा आ जायेगा जल्दी बनाओ |
                                                   
                                                      मैं हक्का बक्का अरे मेरी तैयारी से इन्हे ये क्यों लगा की पकौड़े बनने वाले हैं , जबकि मेरा मन तो पनीर टिका मसाला खाने का था और ये डिनर की तैयारी हैं | अंदर से स्वार्थनेस ने जोर का धक्का मारा और मैं जैसे ही कहने गई की पकौड़े नहीं बन रहें हैं तभी उछलती हुई बिटिया आ गई मुझे भी पनीर पकौड़े खाने हैं मेरा फेवरेट हैं ( जबकि ऐसा नहीं हैं ) |
                                               
                                                     लो जी अब तो कोई चांस ही नहीं था , उस तैयारी को देखते सोचने लगी बाकी सब तो ठीक हैं लेकिन ये टमाटर कैसे पकौड़े से जुड़ा , तभी पीछे से आवाज आई , अच्छा किया टमाटर की चटनी बना रही हो सॉस में  वो बात नहीं होती |
                                               
                                                     मेरी सारी मेहनत बेकार गई मेरे मन का तो ना हुआ , सबको पकौड़े खिलाये और आखिर में बिना मन के अपनी प्लेट ले ड्राईंग रूम में आई तो सामने जिंदगी आराम से सोफे पर पैर फैलाये पसरी थी | बोली यार ये तुम लोगो का कुछ समझ ना आता मुझे , तुमको शिमीला मिर्च , प्याज ,पनीर, टमाटर खाने थे और मैंने वो सब तुम्हे खिलाया फिर भी खुश नहीं हो | शुक्र मनाओ की स्वाद बढ़ाया मैंने , कितनी बार तुमने पकौड़ो के साथ टमाटर की चटनी बनाई हैं , आज तो तुमको वो भी खिलाया | जरा भी अतिरिक्त मेहनत नहीं कराया जो तुम्हारी तैयारी थी वही मिला तुमको |
                                               
                                                   इधर मैं हैरान परेशान सोचती ये जिंदगी सबके साथ कैसे खेलती हैं | उसने पहले इच्छा जगाई , फिर उसके लिए  मेहनत भी करवाया ,  अपनी  मर्जी का होता देख जब इच्छाएं अपने चरम पर पहुँच गई तो एक झटके में सब पलट कर रख दिया | हां वो सब कुछ था मेरी प्लेट में जिसके खाने की तैयारी मैंने की थी लेकिन सब होने के बाद वो उसका रूप वो नहीं था जिसकी चाहत थी | दिल कहता हैं  ऐसा तो नहीं सोचा था |
                                             
                                                  पकौड़े अपने आप में बुरे नहीं थे शायद मन में कुछ और पाने की इच्छा न होती तो यही बड़ा स्वाद देते , लेकिन अब बेस्वाद लग रहें थे उनमे वो मजा ही नहीं था , क्योकि मन किसी  पर टिका था , चाहते कुछ और पाने की थी , मेहनत तैयारी किसी और चीज के लिए किया गया था |जिंदगी हमेशा ही ऐसा करती हैं वो हसीन ख्वाब किसी और चीज का दिखती हैं और जैसे ही हम उसे छूने चलते हैं वो आप को नींद से जगा देती हैं |

#सालीजिंदगी

June 14, 2019

रक्तदान महादान ------mangopeople

 दोपहर बाहर से घर आई तो देखा पतिदेव ऑफिस से आ चुके हैं | मुझे देखते ही पूछा
 "कहाँ से आ रही हो मैडम , मैं कब का घर आ गया "
"इतनी जल्दी दोपहर में तुम कैसे "
"ऑफिस का काम था सोचा घर से ही कर लेता हूँ "
एक बड़ी ठंडी सांस लेते कहा अच्छा और जानबूझ कर अपना वो हाथ आगे किया जिस पर सफ़ेद चौकोर चिप्पी लगी थी ब्लड टेस्ट वाली | लेकिन बंदा अपने काम में इतना व्यस्त की उसकी नजर ही ना पड़ती | अब तो गुस्सा आने लगा था , एक तो बंदे ने सिर्फ पूछा कहाँ से आ रही हो उसके जवाब में उसका कोई इंट्रेस्ट नहीं हैं , अब मैं उसे कुछ दिखा के इंट्रेस्ट जगाना चाह रहीं हूँ तो उसका ध्यान ही नहीं हैं | एक आखरी कोशिश फिर की इस बार देख ही लिया |
"अरे ये क्या हुआ , ब्लड टेस्ट के लिए गई थी  " बिना चिंता के बिना घबराई सी मुख मुद्रा के एकदम सामान्य तरीके से जब ये सवाल किया गया तो मेरा पारा सांतवे आसमान पर था | दो मीनट चुप रही कि  देखूं इसके जवाब में भी कोई रूचि हैं की नहीं | लेकिन जैसा की उम्मीद थी कोई रूचि नहीं बंदा अपने काम में व्यस्त |  हमने भी कहा अब ऐसा जवाब दिया जायेगा की बंदा ऊपर से नीचे तक झनझना जायेगा , सब काम छोड़ मेरे पीछे ना आये तो कहना |
" अपना एच आई वी टेस्ट कराने गई थी " इतना कह वहां से उठ किचन में चली गई |
अब बताने की जरुरत तो हैं नहीं बंदा लैपटॉप फेक ( मतलब बगल में आराम से रख कर , हमारे ऐसे नसीब कहाँ कि इतनी व्याकुलता हमारे लिए दिखाए ) पीछे पीछे सीधा किचन में आ गए और कहा
" इसमें  मेरी कोई गलती नहीं हैं मैंने कुछ नहीं किया हैं "
"गुर्रर्रर्र "
"अच्छा अच्छा नाक मत फुलाओ ,  बताओ क्या हुआ हैं , बीमार हो ,  क्या हुआ हैं  , किसा लिए टेस्ट कराइ हो , क्या आया रिपोर्ट में "
" ब्लड टेस्ट की रिपोर्ट एक दिन में आ जाती हैं क्या "
" ओके पूरी बात बताओ सुन रहा हूँ "
"कल घर पर कॉलेज के दो स्टूडेंट आये और बोले पास के उनके कॉलेज में ब्लड डोनेशन का कैंप लगेगा आज , तो मैंने उनसे कह दिया मैं आज आउंगी "
" अच्छा तो ब्लड डोनेशन के लिए गई थी | इसमें कौन सी बड़ी बात हैं मैंने तो कितनी बार किया हैं " इतना कह वो वापस कमरे में चल दिए |
 " देखा इसीलिए तुम पर गुस्सा आता हैं | पूरी बात तो सुनी नहीं चले आयें ना "
" बोलो मैं सुन रहा हूँ "
" मैं हमेशा से ब्लड डोनेशन करना चाहती थी लेकिन कभी कर ही नहीं पाई | शादी के पहले इतनी पतली दुबली थी की सब चिढ़ाते थे , कि कभी डोनेशन के लिए जाना मत , वरना पकड़ कर तुम्हे ही दो बोलत चढ़ा देंगे "
"अच्छा तो पहली बार डोनेशन किया हैं "
"कहाँ कर पाई "
"क्या हुआ हीमोग्लोबिन कम निकला क्या "
"नहीं , वो ठीक था, डॉक्टर ही गदही थी | तुम तो जानते ही हो मेरा ब्लड निकालना आसान तो हैं नहीं ज्यादातर नस ही नहीं मिलती | जूनियर डॉक्टर को देखते समझ गई कि इसके बस का हैं नहीं मेरा ब्लड निकालना | मैंने उसे पहले ही टोक था कि किसी बड़े डॉक्टर को बुला लो लेकिन वो मानी नहीं | पहले ही तीन बार सुई अंदर बाहर करके मेरा हाथ दुखा दिया | ब्लड निकलने का नाम ही ना ले | फिर चौथी बार में किसी तरह निकलना शुरू हुआ तो देखा जो ब्लडप्रेसर की मशीन लगाई थी उससे हवा निकल रही थी | वो थोड़ी देर में आती हवा भरती वो फिर निकल जाता , मेरे हाथ में गेंद दे दिया इसे दबाते रहिये | फिर निचे ब्लड जमा कर रहें पाउच को देख कर तोड़ी टेंशनियाई | और चली गई गेंद दबाने के चक्कर में मेरा हाथ भी दुःख रहा था | फिर अचानक बगल वाले बेड पर मेरा ध्यान गया , जो आदमी मेरे बाद आया था उसका हो भी गया दूसरा आदमी भी आ गया , लेकिन मेरा तो निकले जा रहा हैं | उतने में वो फिर आई हवा भरा आपकी पहले से ज्यादा टेंशनियाई , इस बार तो मैं भी डर गई | मैंने पूछ लिया क्या समस्या हैं तुम किसी बड़े डॉक्टर को बुलाओ | उसके जाने के बाद ही सामने लेटा दूसरा आदमी भी अपना काम करके चला गया | फिर बड़ा डॉक्टर आया उसने पाउच उठाया वो आधा भी नहीं भरा था | उसने सुई निकल कर कहा जाइये आप का हो गया | मैंने तुरंत जूनियर डॉक्टर की शिकायत उससे की कि मैं काम से इन्हे टोक रहीं हूँ और ये सुन नहीं रही हैं | फिर उससे पूछा क्या ये बेकार हो गया  | तो उसने कहा नहीं बेकार नहीं जायेगा , छोटे बच्चो को जरुरत होती हैं उनके काम आ जायेगा "
"वाह क्या बात हैं | जब मच्छर तुम्हे नहीं काटते थे तो लगता था मच्छर के बस का नहीं हैं , लेकिन आज पता चला तुम्हारा खून चूसना डॉक्टर के बस का भी  नहीं हैं "

आज  ब्लड डोनेशन डे हैं तो किसी प्रशिक्षित काबिल अच्छे लोगों के पास ही डोनेशन के लिए जाये | वरना जितना डोनेशन किया नहीं हैं उतना खून जला लेंगे आप |
#पतझड़

June 13, 2019

सावधान रहें सतर्क रहें सुरक्षित रहें ---------mangopeople

अगर आप भी करवाते हैं अपने बच्चों से ये काम तो हो जाये सावधान | 
मासूम से दिखने वाले बच्चो पर आंख बंद करके ना करे भरोसा | 
बच्चों पर रखे अपनी नजर | उनकी शरारते हो  सकती हैं खतरनाक  | 
आखिर मासूम से बच्ची ने ऐसा क्या किया की माँ के उड़ गए होश |  
                      
                                                 प्यारी सी माँ  से ढाई साल की मासूम बच्ची जिद्दी करके मांग लेती है थोड़े से हरे मटर कि वो उन्हें छील कर करेगी माँ की मदद | मासूम की बांतों में आ कर माँ उसे दे देती हैं थोड़े से हरे मटर | थोड़ी देर बाद जब माँ रसोई में बना रही थी मटर की सब्जी तो वही छोटी सी बिटिया कटोरी में ला कर माँ को देती हैं छिले हुए  हरे मटर | 
                                                उसकी शरारत से अनजान माँ , इस काम पर उसे देती हैं शाबासी और वो छिले  मटर बाकि सब्जियों में मिला देतीं है | कुछ देर बाद माँ  वापस खेलती बच्ची के पास आती है तो वहां के दृश्य देख उड़ जाते हैं उसके होश | 
बच्ची की हरकत देख माँ को आ जाता हैं चक्कर | 
उसने कभी सपने में भी नहीं सोचा था की बच्ची कर सकती हैं ऐसा काम | 
बच्ची हरे मटर छिलती हैं दानो को मुंह में डालती हैं उन्हें चुबलाती हैं फिर साबूत मुंह से बहार निकाल कर कटोरी में रख देती हैं और जैसे ही माँ से उसकी नजर मिलती हैं कहती हैं " मम्मी मैंने और मटर छील दिए इसे भी सब्जी में डाल दो " 👧
और माँ सोचती हैं शुक्र हैं मटर अच्छे से धो दिए थे 🤦‍♀️

सत्य घटना पर आधारित , गोपनीयता के कारण बच्ची का नाम अद्रिका हैं आप को नही बताया जायेगा |
चैन से सोना हैं तो जाग कर बच्चों पर नजर रखिये 🙏