"लो हो गई ना उलटी | रात से ही बोल रहा हूँ खाना खा लो , लेकिन खाई ही नहीं | कभी तो एक बात सुन लिया करो

"तीज का व्रत ऐसे नहीं तोड़ते और ये उलटी तुम्हारी बात मानने से ही हुआ है समझे

"लो मैंने क्या किया

" तारीख बदलने से दिन नहीं बदलता सूरज उगने के बाद दिन बदलता है और ये जो तुमने मुझे खाली पेट जबरजस्ती दूध पिलाया है , उलटी उससे हुआ है

"ऐसा होता है क्या

"मुझे गैस भी बन गई थी



"तुम व्रत नहीं रहती हो


"व्रत स्रत पूजा पाठ मै नहीं करती

"तो फिर कल क्यों नहीं बताया , नहीं रहना था व्रत

"कल नहीं बताया क्योकि मै नहीं चाहती थी की तुमको तीज के दिन हार्ट अटैक आ जाये



"कुछ भी


"जाने दो तुम नहीं समझोगे

"अरे नहीं मुझे फर्क नहीं पड़ता , तुम ना रहती


"सच्ची , तो ये बात परसो क्यों नहीं बोला , जब मैंने बताया की मम्मी ने कहा है पहला तीज है व्रत रख लेना | मैंने तुमको ये बात बताई ही इसलिए थी कि देखु तुम क्या सोचते हो | तो उलटा तुम मुझे कहने लगे रात में तो सब खाना खा लेते है ये भी कोई व्रत हुआ | मुझे चैलेंज दे दिया दिया

"नहीं मेरा वो मतलब नहीं था

"मतलब तो तुम जाने दो | ना रहती तो सारी जिंदगी सुनाते मेरे लिए एक दिन भूखा नहीं रह सकती | सामने भले ना दिखाते अंदर ही अंदर निराश होते कुढ़ते मेरी बीबी मेरे लिए व्रत भी नहीं रहती

"मेरा विश्वास करो मै ऐसा नहीं नहीं सोचता

"देखो ऐसा है कि मै ऐसा कोई मौका ही किसी को नहीं देती कि कोई मुझे कुछ सूना सके | हा मै सबको सुनाऊं

" फिर कल पुजा क्यों की

" वो तो तुम भगवान की फोटो माला फूल प्रसाद सब लेकर आ गये तो कर दिया । वरना तुमको पता चलता तो पहले जबरदस्ती खाना खिला देते फिर बाद में कहते काहे का व्रत रात में तो खाना खा लिया था

"मैं ऐसा कुछ नहीं करता

"देखो अब ये सब जाने ही दो । मैने एक बार पूरा व्रत रख कर अपने प्यार की अग्नि परीक्षा दे दी है । अब तुम्हारी बारी है , तो तैयार रहो जब मेरा मन होगा तुमसे अग्नि परीक्षा ले लुंगी



"


आज इतने साल हो गये मैने आज तक वो वाली अग्नि परीक्षा ली नहीं । वो अलग बात है की बंदे को लगता है कि वो तो हर दूसरे दिन परीक्षा देता है



#अधूरीसीकहानी_अधूरेसेकिस्से
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