June 08, 2019

क्या किसी को हालात बदलने हैं -------mangopeople

                                          रेप करने के बाद उसने उसके योनि में बारबार चाकू डाल कर फाड़ डाला और उसकी दोनों अतड़ियां तक खींच ली | फिर चाकू से  पेट फ़ाड़ उसकी दोनों किडनियां तक निकाल ली | पूरी पोस्ट मुझसे ना पढ़ी गई  , इतने विस्तार से पूरी घटना को जितना वीभत्स बना सकते हैं बना कर  वर्णन किया गया था जैसे सबकुछ उनके सामने हुआ हो | अपनी कल्पना से ऐसा वीभत्स वर्णन करने वाले सवाल करते हैं समाज में लोग इतने वीभत्स कैसे हो सकते हैं |
                                       एक पत्रकार  पोस्टमार्टम की रिपोर्ट ट्वीट कर देंती हैं | जिसमे लिखा था शरीर से कौन कौन से अंग गायब थे , जिसके आधार पर ही इस तरह के काल्पनिक वीभत्स वर्णन किया गया था | लेकिन पत्रकार ये तथ्य नहीं बताती कि शरीर सड़ चूका था और कुत्ते उसे नोच कर खा रहें थे | 
                                      कुछ अपनी विचारधारा के साथ सामने हैं | उन्हें अपराधी और इन्साफ में कम इस बात से कष्ट ज्यादा हैं कि कितने प्रगतिशील लोगों ने किसी और अपराध पर कुछ कहा था लेकिन अब चुप हैं | उनमे से कुछ को इसपे समस्या हैं कि तब जिन लोगों ने  कड़े शब्दों में विरोध किया था आज  उनके  शब्द उन्हें उतने कड़े नहीं लग रहें हैं  | विरोध के लिए दुसरो पर सलेक्टिव होने का आरोप लगाने वाले खुद सलेक्टिव हैं | तब वो चुप थे आज कोई और चुप हैं तो उन्हें परेशानी हैं | 
                                     कुछ को पीड़ित से कोई मतलब नहीं हैं उनके लिए अपराधी का धर्म बहुत हैं उसके पुरे धर्म को गाली देने के लिए , अपना एजेंडा प्रचारित करने के लिए | कुछ उससे भी महान हैं वो पीड़ित का सरनेम लिख इसमें जाति  का एंगल भी ले आतें हैं | दलित होती तो लोग कितना शोर करते ऊँची जाति से हैं तो लोग चुप हैं | कुछ अपनी  वही घिसी पीटी राग फिर से गाना शुरू कर दिए कि इसके लिए नग्नता जिम्मेदार हैं विकास जिम्मेदार हैं | 
                                    कुछ के लिए लगता हैं किसी बच्ची को मार देना एक बहुत ही मामूली अपराध हैं इसलिए अपराध को बड़ा बनाने के लिए उसके साथ रेप जुड़ना जरुरी है | रेप ना जुड़ा तो अपराध संवेदनशील सहानभूति के लायक नहीं लगेगा | किसी मासूम बच्ची को निर्मम तरीके से मामूली से पैसो के झगड़े के लिए मार देना , ये भी कोई इन्साफ मांगने आंदोलन करने और विरोध प्रदर्शन के लायक का अपराध हुआ | उसके साथ रेप, वीभत्स आदि आदि ना जुड़ा तो मामले में दम नहीं हैं |  भले पोस्टमार्टम में ये नहीं निकल पाया क्योकि शरीर में जाँच के लिए अंग ही पुरे नहीं थे ठीक हालत में नहीं थे  | पुलिस की जाँच के पहले हम बतायेंगे कि अपराध क्या और कैसे हुआ हैं |
कुछ कल तक महिलाओं लड़कियों  को लेकर बेतुके पोस्ट लिख अपनी भड़ास निकाल रहें थे आज वो वीर रस में समाज में महिलाओं की स्थिति पर पोस्ट लिख रहें हैं | 
                                   कुछ मजबूरी में देर से बोल रहें हैं कही उन्हें चुप रहने के लिए आरोपित ना कर दिया जाए | कुछ को इस बात की चिंता ज्यादा हैं कि मामले को सांप्रदायिक रंग क्यों दिया जा रहा हैं | इससे हमारी धर्मनिरपेक्ष समाज का माहौल ख़राब करने का प्रयास किया जा रहा हैं | 
कुछ को चिंता हैं इस विरोध के चक्कर में समाज हिंसक हो रहा हैं | लोगों का विरोध ही समाज का माहौल ख़राब कर  रहा हैं | 
                                   सबके अपना अपना एजेंडा हैं जिसके लिए सब काम कर रहें हैं | इन्साफ के लिए , समाज में , व्यवस्था में बदलाव  के लिए कोई कुछ भी अपनी तरफ से ना कर रहा हैं ना करना चाहता हैं और ना करेगा | 

June 03, 2019

नृत्य का धरती पर आगमन --------mangopeople

                                                  
                                          कभी सोचा हैं गुजराती इतना नाचते क्यों हैं | क्यों हर बात हर ख़ुशी  पर गरबा के लिए तैयार रहते हैं (नहीं सोचते  तो कभी कभी सोच लेना चाहिए , सोचने से दिमाग तेज होता हैं )  | तो आज इसके पीछे की वजह हम बताते हैं |
                                        त्रिपुरासुर का वध करके जब शिव आये तो उनके क्रोध को शांत करने के लिए पार्वती ने पहली बार लास्य नृत्य उनके सामने किया | इसके पहले शिव ने तांडव किया था जो पुरुषो का नृत्य था |पार्वती का लास्य स्त्रियों का नृत्य बना (लगभग सभी भारतीय शास्त्रीय नृत्य भी इसी लास्य नृत्य पर ही आधारित हैं ) |  यह नृत्य बड़ा कोमल , सुन्दर और स्त्री की तरह ही सौम्य था |यही लास्य नृत्य बाद में पार्वती ने बाड़ासुर की पुत्री उषा को सिखाया | उषा का विवाह बाद में  कृष्ण के पौत्र प्रद्युम्न  के साथ हुआ | इस प्रकार उषा के साथ नृत्य स्वर्ग से उतर कर पृथ्वी पर  आ गया | उषा ने वह लास्य नृत्य सौराष्ट्र गुजरात  की सभी गोपियों को सीखा दिया और उन गोपियों ने सभी जगह इस नृत्य को फैला दिया |
ऐसा नंदिकेश्वर अपनी पुस्तक अभिनयदर्पण में कहते हैं |
                                          चुकी धरती पर पहली बार नृत्य का आगमन सौराष्ट्र गुजरात में आया तो नृत्य के पहले विद्यार्थी होने के कारण गुजराती आज भी सदा नाचने को तैयार रहतें हैं , क्या स्त्रियां क्या पुरुष |
अब आप कहना चाहें की अब तो आगे के पांच साल भी पूरा भारत गुजराती गरबे की धुन पर नाचने वाला हैं तो आप की मर्जी , हम क्या कहें |

May 31, 2019

विकल्प हीनता का गणित -------mangopeople


                                                आज आप से ताकतवर गणित का एक खेल खेलते हैं और उसकी ताकत को बताते हैं | जिसका उपयोग हम अपने नीजि जीवन में अपनी इच्छाएं पूरी करने के लिए भी कर सकते हैं |  मुश्किल नहीं हैं सभी खेल सकते हैं | बस ईमानदारी से जल्दी जल्दी खेलियेगा |
                                                 एक से नौ के बीच का कोई नंबर सोच लीजिये अब उसे नौ से गुणा कर दीजिये | अगर जवाब दो डिजिट में हैं तो उन दो नंबरों को  जोड़ दीजिये और अगर सिंगल डिजिट में हैं तो उसे वैसे ही जाने दीजिये | अब उस नंबर से पांच घटा दीजिये | अब जो  नंबर बचा हैं उसे अंग्रेजी के अक्षर में बदल दीजिये जैसे 1 - A  , २ - B , 3- C , 4 - D , 5 - E आगे जो भी नंबर हो | अब आप के नंबर पर जो अक्षर आया हैं उससे दुनिया के किसी देश का नाम सोचिये | सोच लिया अब उस देश के नाम के आखिरी अक्षर से एक जानवर का नाम सोचिये | याद रखियेगा जानवर का नाम सोचना हैं पक्षी या जलीय जीव का नहीं | अब उस जानवर के नाम के आखिर अक्षर से एक रंग का नाम सोचिये |  सोच लिया ठीक हैं अब हम आप का मन पढ़ लेते हैं और बताते हैं आप का जवाब डेनमार्क , कंगारू और ऑरेंज हैं |  क्यों यही हैं ना !

                                              असल में मैंने आप को विकल्प हीन बना कर जानबूझ कर उसी जवाब के लिए मजबूर किया जो मैं पाना चाहती थी   |  एक से नौ तक की कोई भी नंबर लेकर उसे नौ से गुणा करने के बाद उन नंबरों को जोड़ेंगे तो जवाब नौ ही आएगा | उसमे से पांच घटाने पर जवाब चार होगा सभी लोगो का , चाहे उन्होंने कोई भी नंबर सोचा हो | अब चार नंबर से आप अंग्रेजी के D अक्षर पर पहुंचते हैं | खूब याद कीजिये D अक्षर से आप को एक ही देश का नाम याद आयेगा वो हैं डेनमार्क ( denmark )  | क्योकि D अक्षर से बहुत ही कम देशो के नाम हैं , गूगल कीजियेगा तो शायद दो और देशो के नाम मिल जायेंगे जिनके बारे में आप ने कभी सुना नहीं होगा  | अब डेनमार्क का आखिरी अक्षर हैं K , इस अक्षर से किसी जानवर का पहला नाम ज्यादातर की जुबान पर कंगारू ही आयेगा और कंगारू( kangaroo ) के आखरी अक्षर O से सबसे पहला रंग  ऑरेंज (orange) ही याद आयेगा | असल में आप के पास जवाब सोचने के लिए ज्यादा विकल्प ही नहीं थे और आप ने वही सोचा जो मैं चाहती थी |
                                                 मतलब साफ़ हैं यदि पति बाहर जा कर पनीर लाने को तैयार नहीं हैं और थकान का बहाना मार रहा हैं तो साफ पूछिये , पनीर ला रहे हो या लौकी पका दूँ | फिर देखिये कैसे घर में आप के पसंद की पनीर की सब्जी बनती है | पत्नी आप के मित्र के घर जाने के लिए तैयार नहीं होगी आप को पता है ,  लेकिन आप को जाना हैं ,आसान हैं | सुना आज मेरी बुआ ने और मित्र दोनों ने खाने पर बुलाया है तुम्ही बताओ किसके घर चले , जवाब होगा आप के मित्र के घर | हो गई ना आप के मन की |
                                                  ये विकल्प हीनता या खराब विकल्प का गणित बहुत की ताकतवर हैं | इतना ताकतवर की दुनियां के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देशो  में से एक में दो दो बार किसी की सरकार भी बनवा सकती हैं | इसको हलके में ना लीजेगा इसका उपयोग कर सकते हैं घर में ऑफिस में स्कूल आदि आदि जगहों पर अपने मन की करवाने में |

नोट - हमें पता हैं हमारे मित्र लिस्ट में ढेर सयाने लोग भी हैं जो कहेंगे कि हमने तो कंगारू ना सोचा था हमने तो कोअला बेयर ( koala bear) सोचा था और रंग Ogre , Olive ऑलिव सोचा था | तो बताने की जरुरत ना हैं हमें बता हैं कांग्रेस को ५२ सीटे किनके वोट से मिली हैं |

May 28, 2019

जात तो पूछो साधू की -----mangopeople



                                                       मुंबई आकर मैंने पहली बार मजबूरी में अपना सरनेम अपने नाम के साथ लगाया , क्योकि यहाँ हर फार्म आदि जगहों पर सरनेम के लिए अलग कॉलम होता जिसको भरना अनिवार्य होता था |मेरे किसी भी डिग्री रिजल्ट आदि पर मेरा सरनेम नहीं हैं | मेरे बहुत सारे मित्र मेरा सरनेम नहीं जानते होंगे | लेकिन मै बहुतों का जानती थी क्योकि वो उसे अपने नाम में लगाते थे |
                                                       अपनी जाति उसकी जड़ों के बारे में इतनी अनिभिज्ञ थी की मुझे अभी छः साल पहले इसके बारे में  पता चला कि हम वैश्य जाति के निचे के तीन उपजातियों में हैं | क्योकि हमारे घर में हमारी या  किसी की भी जाति आदि पर कभी कोई बात बहस चर्चा आदि नहीं होती |हमारे यहाँ हमारे ही सरनेम में शादियां होती हैं क्योकि बड़ी जातिंया हमसे विवाह का रिश्ता रखती नहीं और हमसे नीचे वालों से हम नहीं रखतें | इस बात से अनजान हम अपनी बहनो का विवाह पुरे वैश्य समुदाय में खोजते रहें लेकिन कोई करने ना आया |
                                                     जाति से अनभिज्ञ रहने का ये फायदा हुआ कि हममे कभी किसी भी प्रकार की हीन भावना नहीं आई कि हम अपने जाति में सबसे नीचे हैं और ना कभी किसी बड़ी जाति वाले को इसके लिए चव्वनी का भी भाव दिया | हमें कभी लगा ही नहीं की ऊँची जाति का होना कोई इतना ख़ास हैं कि व्यक्ति को अलग नजर से देखा जाये | ना कभी सोचा कि  ऊँची या नीची या किसी के भी सरनेम से हिसाब से व्यवहार किया जाए |
                                                       बहुतों ने सरनेम ना होने पर हमारा पूरा नाम जानने की खूब चेष्टा की और वो हमारी जाति जानना चाह रहें हैं को भले से समझ हमने सीधा कहा जो जानना चाह रहें हैं साफ पूछे क्योकि पूरा नाम तो वही हैं जो बता रहें हैं | बिंदास उन्हें अपनी जाति बताई बिना किसी हीनता के | शायद उन लोगों ने हमारे लिए कोई ग्रंथि पाली होगी , हो सकता हैं अप्रत्यक्ष रूप से कुछ टिप्पणियां भी पास की होंगी लेकिन हम इन सब से अनजान रहें , क्योकि ये चीज हमारे जीवन के लिए कोई मायने ही नहीं रखती थी |तुम खुद को मुझसे बड़ा समझ मुझे कमतर समझ रहे हो या मुझे बड़ा समझ मेरी सामान्य बातों को जाति सूचक समझ अपने पर कटाक्ष समझ रहें हो तो ये तुम्हारी समस्या हैं मेरी नहीं |
                                                      कहने का अर्थ सिर्फ इतना हैं कि बच्चो के मन में अपनी जाति, धर्म, सरनेम, लिंग, आदि के लिए कभी कोई भी किसी भी तरह का हीन या गर्व की  भावना नहीं पनपने देना चाहिए | मैं हमेशा मानती हूँ कि यदि हम किसी भी प्रकार से निचले पायदान पर है तो हमें हमेशा आगे बढ़ने के बारे में ऊँचा उठने के बारे में सोचना चाहिए | ना कि अपनी ऊर्जा समय और पुरुषार्थ इस बात में व्यर्थ करना चाहिए कि किसके कारण हम इस स्थिति में हैं किन लोगों ने हमें इस सामाजिक स्थिति में रखा हैं , कौन हमें किस नजर से देख रहा हैं हमें क्या समझ रहा हैं  | ये बाते हमें कमजोर बनाती हैं अपने लक्ष्य की ओर जाने में रुकावट बनती हैं और मानसिक तनाव भी देती हैं |
                                                       महाराष्ट्र की डॉक्टर पायल की आत्महत्या के बारे में पढ़ कर बहुत दुःख हुआ | क्या वाकई जाति सूचक गाली या किसी भी प्रकार का कटाक्ष उत्पीड़न इतना बड़ा हो सकता था कि इतनी पढ़ी लिखी लड़की आत्महत्या कर ले |मै वामपंथी और दलित विचारधारा वालों से इसलिए भी पसंद नहीं करती क्योकि वो इस हीनता को किसी दलित पिछड़े के मन  से जाने नहीं देते हैं | दलित पिछड़े को बार बार उसकी जाति की याद दिलाना उसे आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहन देने की जगह ये बताना की तुम्हारी स्थिति के लिए कौन दोषी हैं , आगे बढ़ने की जगह ब्राह्मणवाद को कोसने में अपनी ऊर्जा लगाने के लिए मजबूर करतें हैं |ऊँची जाति का होने का गर्व जितना बुरा हैं उतना ही बुरा नीची जाति की हीनता भी हैं | ये बातें हमारा ही नुकशान करती हैं हमें पीछे खींचती हैं |

May 25, 2019

दुर्घटना से बचाव भला ---------mangopeople

                                   
                                             निर्भया केस के बाद मैं जब बिटिया के स्कूल जा कर बस उनके ड्राइवर आदि के बारे में जानकारी लेने लगी तो नर्सरी की प्रिंसपल ने कहा आप बेकार का पैनिक हो रहीं हैं | जब अपना घर बनवाया तो मुंबई में सबके घरो की तरह अपने घर में भी ग्रिल लगवाया लेकिन एक सबसे पीछे के ग्रिल में खिड़की बनवाई ताकि कभी आग आदि लग जाए तो आसानी से बाहर निकला जा सके  | पडोसी कहने लगे इतना क्या आगे का सोचना | अभी कुछ  साल पहले फायर सेफ्टी वाले आ कर बिल्डिंग की  सीढ़ियों के आगे के जालीदार हिस्सों को तोड़ कर खुला रखने को कहा | वो करने में भी सालो लगे |

                                                 हमारे घर , स्कूल , ऑफिस आदि  आग जैसी दुर्घटनाओं के हिसाब से खतरनाक हैं | हमने कभी कुछ नहीं किया ना कभी सुरक्षा के उपकरण रखे ना कभी स्कूल ऑफिस  को इसके लिए टोक | बच्चो को कभी ऐसी दुर्घटनाओं के लिए बचने के उपाय नहीं बताये | ऐसे समय में क्या करना चाहिए नहीं सिखाया |
                                              हम खुद कुछ ना करते हैं ना करना चाहते हैं  लेकिन दुसरो को दोष देना हमें खूब आता हैं | अपनी गलती के लिए भी हम दुसरो को दोष देतें  हैं |  फायर डिपार्मेंट से लेकर हम हमारे घरों में लगी आग के लिए मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री तक को दोषी ठहरा देते हैं |  कुछ भी ना बदलेगा यदि हमने अपना रवैया नहीं बदला | एक के बाद दूसरी दुर्घटनाए ऐसे ही होती रहेंगी |

May 01, 2019

मईदिवस ---------- mangopeople




१- काम करने का कोई निर्धारित घंटा नहीं हैं

२- २४*७ डियूटी पर तैनात

३- पहले से निर्धारित काम के साथ ही कभी भी ओवर टाइम के लिए तैयार रहने की उम्मीद

४- अपने काम के साथ ही दुसरो के काम की करना

५- काम करने का कोई निश्चित क्षेत्र नहीं , कुक , सफाईकर्मी ,  डॉक्टर , नर्स , शिक्षक, ड्राइवर , इंजिनियर , आया , काउंसलर आदि इत्यादि दुनियां में जितने भी प्रोफेशन हैं सब कार्य

६ - कार्य करने का कोई निर्धारित एरिया नहीं  घर  के अंदर  बाहर सभी काम करने की शर्त

७ - शारीरिक और मानसिक दोनों कार्य करने की योग्यता और काम से भावनात्मक लगाव की सबसे बड़ी शर्त

८ - साल में कोई छुट्टी नहीं

९ - कोई वेतन बोनस नहीं , साल के ३६५ दिन काम बिना किसी वेतन के

१० - सिर्फ खाने कपडे और छत की शर्त पर काम * ( कंडीशन अप्लाई ) , लेकिन किसी भी चीज पर आप का हक़ नहीं | ये सब कभी भी बिना नोटिस छिना जा सकता हैं

११ - ये सब करने के बाद भी ताने की घर बैठी हैं कुछ काम नहीं करती घरेलु हैं |

१२ - सरकारे भी इन्हे अनप्रोडक्टिव  नागरिक के तौर पर देख इन्हे भिखारियों की श्रेणी में रखती रही हैं |

१३ - ये सब करने के बाद भी शारीरिक और मानसिक प्रताणना और मौत होने तक अमानवीय पिटाई आम बात |

इनकी हालत मजदूरों से भी बत्तर हैं | अनपढ़ो को छोड़ दीजिये पढ़े लिखे लोग अपना मन टटोले वो घर में काम करने वाली महिलाओं को कितना सम्मान देतें हैं उनके लिए कैसी सोच रखते हैं |

#मईदिवस






March 28, 2019

जब तुम होंगे साठ बरस के और मैं होंगी पचपन की ------- mangopeople



"सुना तुमने , मामा गुजर गए "
" हा पता चला आज सुबह ही , सोचा ऑफिस से आओ तब बताती हूँ "
"चाचा कह रहें थें बेटे ने ठीक से ख्याल नहीं रखा | उतना अच्छे से ईलाज नहीं करवाया , नहीं तो बिमारी इतनी बढ़ती नहीं "
" नहीं ऐसा तो नहीं है "
" वो तो ये भी बोल रहें थे कि मामी भी उतना दुःखी नहीं हुई उनकी बिमारी और मौत से "
" इंसान जो दुसरो को देता हैं वही उसे वापस मिलता हैं "
"क्या मतलब | मामा ख्याल नहीं रखते थे क्या परिवार का | पांच बिस्सा जमीन खरीद कर रखी है अब मरने से पहले बताया | अब काम आयेगा ना बेटे और मामी के "
" इस उम्र में मामी जमीन ले कर चाटेगी | पूरा जीवन पैसे की जुगत और कष्ट में निकल गए | सारी दुनियां के घर में गैस चूल्हा आ गया था लेकिन मामा भट्टी पर ही खाना बनवाते रहें मामी से  | यंहा तक की चूल्हा आने के बाद भी मामा के तेवर की मेरी दाल तो भट्टी में ही पकेगी | सबके घर फ्रिज कूलर आ गए लेकिन बिचारि मामी घड़े के पानी से ही पीती रही | बच्चों के साथ सदा बाप वाला ही व्यवहार रखा कभी पिता ना बने कभी "
" फिर भी आदमी बूढ़ा होता हैं तो पत्नी बच्चो की जिम्मेदारी बनती हैं "
"पैसे कमाता पुरुष परिवार की सत्ता और ताकत  के नशे में सबको छोटा ही समझता है | प्रेम की जगह डर का संबंध बना कर रखता हैं |  लेकिन समय बीतता हैं बच्चे बड़े होते और वो बुढ़ा , जिस पैसे के बल पर वो परिवार की सत्ता अपने कब्जे में रखता है वो अब बेकार हो जाती हैं | अब परिवार भी उसके साथ वही व्यवहार करता है जो उसने परिवार के साथ किया होता है | तुम अपने बच्चो पत्नी को प्रेम मत करो उनका ध्यान मत रखो , तो वो क्या बुढ़ापे में तुम्हारा उस तरह ध्यान रखेंगे | पत्नी भी बुढ़ापे में ऐसे पति को भाव नहीं देती | जब तुमने उसे प्रेम नहीं दिया तो वो क्या लौटायेगी | ऐसे पुरुष पत्नी के साथ ख़राब व्यवहार कर अपना ही बुढ़ापा ख़राब करते हैं | सब चले जाते हैं एक पत्नी ही हैं जो मरने तक साथ देती हैं "
" हा कह तो ठीक ही रही हो | ये सर पकड़ कर क्यों बैठी हो "
" सर दर्द हो रहा है तगड़ा , गला और बॉडी भी  शायद सर्दी होने वाली हैं "
" अदरक काली मिर्च वाली चाय बनाता हूँ , उससे आराम मिलेगा "
" हां बना दो अच्छी कड़क बनाना "
"पेन किलर दूँ "
" अरे नहीं जानते हो मुझे एसिडिटी हो जाती हैं "
"ले आओ बाम लगा देता हूँ सर में "
"सुना इतनी देखभाल मत करो मेरी , मै हार्ट अटैक से मर जाउंगी "
" अरे वो तो मैं अपना बुढ़ापा खराब नहीं करना चाहता इसलिए

#फागुन 








February 19, 2019

ये कभी ख़त्म ना होने वाली लड़ाई है ----------- mangopeople


                               हम चाहे ४० के बदले चार सौ  पाकिस्तानी आतंकवादी मार दे कोई फर्क नहीं पड़ने वाला | केवल कश्मीर में हाल के सालो में आतंकवादियों के मारे जाने का आंकड़ा लगभग पांच सौ से ऊपर है | सर्जिकल स्ट्राइक और सीमा पर घुसपैठ के समय जो मारे गए वो  अलग से है | जो देश अपने लोगों के जान की कोई कीमत ही नहीं समझता हो | जो उनके लिए मात्र उनकी महत्वाकांक्षाओं को  पूरी करने का एक मामूली मोहरा है भला उस देश के आतंकवादियों को खाली मार कर हम उसे कैसे रोक सकते है |
सौ पचास युद्ध भी इसको ख़त्म नहीं कर सकती | हम पहले ही दो सीधा युद्ध और एक कारगिल जीत चुके हैं |  बुरी तरह हारे हैं फिर भी बाज नहीं आतें | क्यों , क्योकि भारत में आतंकवाद फैलाना और भारत से दुश्मनी बनाये रखना पाकिस्तानी सेना के वजूद के लिए जरुरी है |

                                सोचिये यदि पाकिस्तान और भारत मित्र हो जाये और कोई बड़ी लड़ाई ना हो तो पाकिस्तान को उसकी सेना और उस पर भारी भरकम रकम खर्च करने की क्या जरुरत होगी | पाकिस्तान बनने के साथ ही पाकिस्तानी सेना को इस बात का अहसास था इसलिए वो इस दुश्मनी को बनाये रखने के लिए और समय के साथ बढ़ाने के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ती |इधर लोकतान्त्रिक सरकार शांति की वार्ता के लिए आगे बढ़ी और उधर पाकिस्तानी सेना ये वार्ता ख़त्म करने के इंतजाम में लग जाती है | उसके रहमोकरम पर चलने वाली नागरिक सरकार अपनी सत्ता बचाये या भारत से बात करे | उनको भी सत्ता में बने रहना है अपना पेट पालना है , इसलिए वो इसी में भलाई समझती है सेना को उसका हिस्से की बोटी दो और सत्ता बचा कर रखो |
                                  पाकिस्तानी सेना के लिए उनके नागरिक की कीमत कितनी है बताने की जरुरत नहीं है | देश के लोग भूखे मर जाए लेकिन , बचे पैसो से वो हथियार ख़रीदेगा खाना नहीं | इसलिए नागरिको पर किसी तरह का प्रतिबन्ध लगा उन्हें परेशान कर भी हम ये बंद नहीं करवा सकतें |
हमारे लिए एक तरफ कुवां एक तरफ खाई है , हम वार्ता करे ना करे , व्यापार करे छोड़ दे , कोई संबंध रहने दे या सब ख़त्म कर दे , उधर से यह परोक्ष युद्द हमेशा जारी रहेगा | यदि पाकिस्तान में लोंगो को भारत का डर ना दिखाया जाए तो पाकिस्तानी जनता ही सेना को दफा करे , इसलिए वो भारत के खिलाफ कुछ ना कुछ करते रहते है और भारत की प्रतिक्रिया को भारत से युद्ध दुश्मनी के रूप में प्रस्तुत करते हैं |

पाकिस्तानी सेना का लगातार भारत में आतंकवादी गतिविधिंयों को बढ़ावा देना एक अलग ख़ास बिमारी  है जिसका ईलाज भी अलग तरीके से करना होगा | पारंपरिक ईलाज से ये समस्या जड़ से ख़त्म नहीं होने वाली है |












February 16, 2019

आइये युद्ध के लिए तैयारी कर ले --------- mangopeople




सबसे पहले उन महान विद्वानों को सलाम जो युद्ध से डरे हुए हैं , नहीं नहीं इसलिए नहीं डरे हैं कि युद्ध भयावह है और वो बलिदान लेती है बल्कि इसलिए डरे हैं क्योकि उन्हें लगता है मौजूदा सरकार युद्ध की घोषणा कर चुनाव टाल ना दे या कोई बड़ी कार्यवाही करके कोई राजनैतिक फायदा ना उठा ले |

 किसी ने कहा  वो आत्मघाती हमलावर बनने को तैयार है देश के लिए जान कुर्बान | सुनो  आत्मघाती हमलावरों से युद्ध जीते जाते तो लिट्टे , लादेन , तालिबान , आईएसआईएस जैसे आतंकवादी संगठन बहुत पहले ये युद्ध जीत चुके होते | युद्ध जान दे कर नहीं , सही तरीके , सही जगह और सही दुश्मन की जान लेकर जीते जाते है |

एक वीर योद्धा  ने कहा वो बढ़ी कीमतों में पेट्रोल खरीदने के लिए तैयार है  सरकार को बदला लेने के लिए युद्ध करना चाहिए |

मुझे लगता है आम लोग समझ नहीं पा रहें की युद्ध के लिए किन चीजों की जरुरत है और सरकार को इसके लिए कैसे तैयार करना चाहिए |

युद्ध लड़ने के लिए ( जीतने के लिए नहीं सिर्फ लड़ने के लिए ) बहुत सारे पैसो की जरूरत होती है | जरा गूगल कर चेक कीजिये कि संसद पर हमले के बाद कितने अरब रुपये एक छोटी सेना को सीमा तक भेजने और बिना कुछ किये ही वापस बुला लेने पर खर्च हो गए |  

यदि आप वास्तव में सरकार को युद्ध के लिए मानना चाहते है तो अपनी समस्त जमा पूंजी अपनी हर तरीके की धनसंपदा को देश पर न्यौछावर कीजिये उसे प्रधानमंत्री राहत कोश में जमा कर दीजिये फिर कहिये सरकार युद्ध करो |

सोशल मिडिया पर जितने लोग आक्रोश जाहिर कर युद्ध चाहते हैं यदि वो सभी ऐसा करे तो सरकार के पास काफी धन होगा युद्ध पर खर्च करने के लिए ( समस्या हल की गारंटी नहीं है क्योकि हमारे पडोसी की दुम टेढ़ी है ) 
याद कीजिये आजादी के लड़ाई के समय महिलाओं ने अपने गहने कुर्बान किया था , महिलाएं आज भी ऐसा कर सकती हैं |

युद्ध के लिए कुर्बानी देनी होगी अपने भविष्य की ,  एक युद्ध हमारे जैसे विकास कर रहे देश को दस साल पीछे खींच लेता है |

कहिये की अगले दस साल देश के सभी अध्यापक  सरकारी स्कूलों , कॉलेजों , विश्विद्यालयों में मुफ्त सेवा देंगे |  जो पढ़ाना नहीं जानते वो  सभी बच्चो के लिए किताबो यूनिफार्म बस्ते की व्यवस्था करेंगे | सरकार को एक पैसा खर्च करने की जरुरत नहीं है |

महिलाएं वादा करे अगले दस साल तक अपने पैसो और हाथो से मिडडे मील बना कर स्कूल के बच्चो को खिलाएंगे , सरकार पैसे ना खर्च करे |

सरकरी अस्पताल में रोज चार छः घंटे  देश का हर डॉक्टर  मुफ्त सेवा देगा  , जो डॉक्टर नहीं है वो दवाइयों और बाकि जरूरतों को पैसे से पूरा करेंगे |

महंगा प्रट्रोल नहीं महंगा आनाज सीधा किसान से लेंगे क्योकि किसानों के कर्ज माफ़ नहीं होंगे क्योकि खेती के लिए उन्हें कर्ज  मिलेंगे ही नहीं |

व्यापार के पैसे से तिजोरी नहीं भरेंगे नया काम शुरू कर  और रोजगार जनता पैदा करेगी , सरकार को चिंता करने की जरूरत नहीं  हैं |
घर के आगे की सड़क हम बनवाएंगे , मंदिर की जगह ब्रिज , फ्लाईओवर आदि  के लिए पैसा दान देंगे |
सैनिको के लिए आप को मुआवजा देने की जरुरत नहीं है , भावनात्मक जरुरत तो शायद ना पूरा कर सके लेकिन बाकी हर जरुरत सैनिको के घरो की हम पूरा  करेंगे |

अपने बेटे के लिए किसी सैनिक की विधवा ब्याह कर लाएंगे , उसके बच्चो को पिता का प्यार देंगे |
उसके माँ बाप को अपने माँ बाप की तरह रख्नेगे |

अगले दस साल अपने सारे शौक ख़त्म कर अपनी जरूरते के बाद बचे सारे पैसे देश के लिए खर्च करेंगे |

उफ्फ्फ क्या बकवास है कौन करेगा ये सब , कुछ आसान सा करते हैं  चलो डीपी काली करते हैं , कैंडिल मार्च निकालते हैं , सोशल मिडिया पर बयानवीर बनते हैं , सरकार को मोदी को कोसते है , पकिस्तान को गरियाते हैं , सिद्धू के विरोध के लिए कपिल के शो का बहिष्कार करते है |

सुना है भारत सरकार ने सैनिको की सहायता के लिए एक कोष बनाया था जिसमे आम लोग पैसे दे सकते है | आज भी उसमे पैसे ना के बराबर है | चलो सैनिको कुर्बानी के लिए तैयार हो जाओ हम सोशल मिडिया पर तुम्हारे लिए डटे हैं |
















February 13, 2019

हो दैय्या रे दैय्या चढ़ गए पापी बिछुवा ------------ mangopeople




" सुनो किसी ओझा को जानते हो 😡😡 "
" क्या 🤨🧐 "
" समझ नहीं आया क्या किसी झाड़ फूंक वाले को जानते हो 😠 "
" 😂😂 मुझसे झगड़ा कर , इतना सूना कर तुम्हारा मन नहीं भरा क्या अब मुझपे जादू टोना भी करवाओगी 😅 "
" भूत उतरवाना है सर से 🙄 "
" किस पर सवार है तुम्हारे सर पर 😛 | मुझे भी शक है थोड़ा थोड़ा 😂😂 "
" नहीं इस बार फ़ाइनल होगा तुम्हारे सारे टंटे ही ख़त्म कर देतीं हूँ 🥺😩"
" क्या करने वाली हो वशीकरण मंत्र 😋😆 " 
" नहीं अपने सर से तुम्हारे इश्क का भूत उतरवाना है 🥺🥺🥺 | उसके बाद आराम से तुमको छोड़ कर जाउंगी तुम भी खुश मैं भी 😭😭 "
" मैं उतरने ही नहीं दूंगा 😂😂😂 "
एक #वसंत ऐसा भी 😅😂हो दैय्या 

February 11, 2019

तेरे बिन नहीं लगता दिल मेरा ढोलना -------------- mangopeople




           " मेरी बात मानो ये अच्छा ऑफर है मुझे ले लेना चाहिए 😇 "

" दिमाग ख़राब है तुम्हारा 🤨 | मुंबई जैसी जगह छोड़ कर मध्यप्रदेश के किसी जंगल में तुम टूर जॉब करना चाह रहे हो | बीस बीस दिन टूर पर रहोगे और तुम इसे अच्छा ऑफर बोल रहे हो 🤓🧐 "
" तुम पैकेज देखो 🤑इतना मुझे अभी कोई नहीं देगा अभी और कंपनी कितनी बड़ी है 😃😊 "
" अभी नहीं देगा तो कल देगा | हमारी कौन सी जिंदगी खत्म हुए जा रही है 🙄 "
" एक बार अपने मम्मी पापा से बात करो देखना वो भी कहेंगे मुझे ले लेना चाहिए ये ऑफर 🤗"
" मेरे मम्मी पापा बीच में कैसे आ गए 🤔 | कभी हंसो की कहानी सुनी है जिनके दो सर थे 😇 "
"लो अब इसमें हंसो की कहानी कहाँ से आ गई 🤔 "
" एक बार एक हंस था लेकिन उसके दो सर थे | एक दिन एक उसका एक सर नदी में गिरा कुछ अजीब सी चीज खाने लगा | दूसरे ने टोका मत खाओ खतरनाक लग रहा है | लेकिन पहला वाला नहीं माना , बोला मेरा मुंह मेरी मर्जी और खा लिया | उसमे जहर था और उसे खाते ही हंस मर गया | पति पत्नी ऐसे ही हंस है उनके मुंह भले दो हो पर बाकि शरीर एक है| उनके जीवन में लिया कोई भी सही गलत फैसला दोनों पर सामान असर करेगा | इसलिए तुम्हारे जीवन के किसी भी फैसले में मेर अलावा तुम्हे कोई और अच्छी एडवाइस नहीं दे सकता 🥰🥰, क्योकि उसका असर मुझे पर भी उतना ही होगा समझे या और समझाऊ | "

" समझ गया अच्छे से समझ गया 🥰 | लेकिन देखो मुझे लगता है कुछ मौके जीवन में बार बार नहीं मिलते और हमें ये सुनहरा मौका चूकना नहीं चाहिए 🤗 "
" सुनहरा मौका , हा मुझे भी अब लग रहा है 🤔 , मेरा घर कितनी दूर होगा वहाँ से 🧐 "
" अरे ज्यादा दूर नहीं सिर्फ छः घंटे तुम अपने घर आराम से जा भी सकती हो | सोचो कितनी जल्दी अपने घर पहुँच जाओगी 😋😘"
" सही कहा जानू 😍| देखो तुम रहोगे बीस दिन टूर पर फिर मैं उस जंगल में क्या करुँगी | सोच रहीं हूँ मै जा कर अपने घर रहती हूँ | जब तुम टूर से आओगे तो मै बीस दिन बाद उस घर आ जाउंगी 😁 "
" नहीं ऐसा नहीं होगा 😟"
" अरे ये तो बेस्ट आइडिया है 🤭 | मै तो कहती हूँ मै उस जंगल में क्यों आऊं असल में टूर ख़त्म होने के बाद तुम ही मेरे घर आ जाना दो चार दिन साथ रहेंगे फिर टूर पर निकल जाना 😉 "
" फालतू की बात ना करो 😳🙄"
" फालतू की बात क्या है | मेरे मम्मी पापा का घर भी कितना बड़ा है मै वहाँ आराम से रहूंगी अपने परिवार के साथ तुम बीच बीच में आ कर मिल लिया करना | इतना बहुत है हम दोनो के लिए 😄😄"

" इतना बहुत है तुम्हारे लिए 😔 तुम मेरे बिना रह लोगी 🥺 "

" ये तुम पूछ रहे हो 😠 | दो दिन से तुम मुझे बोल रहें हो कि तुम मुझे छोड़ कर आराम से टूर जॉब करोगे तब तुम्हे याद नहीं आया कि मै तुम्हारे बिना कैसे रहूंगी 🥺| मेरी तो तुम छोड़ ही दो ये तो साफ पता चल गया की तुम तो बड़े आराम से मेरे बिना रह सकते हो 🙄 | तो जाओ ले लो अपना शानदार पैकेज , सुनहरा मौका तुम्हारा इंतज़ार कर रहा है 😔"

" अरे यार मैंने इस तरह सोचा ही नहीं 😅 "

" नहीं नहीं ज्यादा मत सोचो तुम जाओ 🙃 | अभी तक तुम मुझे छोड़ कर जा रहे थे अब मै ही तुम्हे छोड़ कर जा रही हूँ तो सब समझ आ रहा हैं ना 😆"
" मै अभी के अभी मना कर देता हूँ 🥰😘"
" ना जी आप पैसे को चुन चुके है मेरे बदले जाइये खुश रहिये , वही पैसा आपके सुख दुःख में काम आएगा 🤨🙄 " 

🙏🙇‍♂️🙆‍♂️


#वसंत 






February 06, 2019

ये मोह मोह के धागे ---------------- mangopeople




   " लो ये वासिंग मशीन को फिर क्या हुआ 🤦‍♀️ | इसने कपडे ठीक से नहीं सुखायें "
" कितनी बार बोला बदल दो लेकिन तुमको सभी चीजे घिसने की आदत है 😕 "
" घिसने की आदत 🙄कुछ भी | सिर्फ पांच साल हुए है मशीन ख़रीदे , इतनी जल्दी कौन बदलता है 🤔"
" इसे घिसना ही कहते है आज कल की चीजों की बात करोगी तो चार से पांच साल ही उनकी एज होती है | इससे ज्यादा यूज करना मतलब घिसना 🤓🧐 "
" किसने कहा तुमसे 😳 अब तो कम्पनिया ५ साल का वारंटी देती हैं और तुम बदलने की बात करते हो 🤷‍♀️"
" चीजों को सही चलना है तो बदलना होगा | पुरे घर को पुरानी चीजों से भर के रखा है सबके बदलने का समय आ गया है 👍💪"
" जानते हो इस घर में सबसे पुरानी चीज क्या है 😈 "
" क्या 🤔"
" तुम हो सबसे पुराने , तुम्हे बदल दू 🤨😏 "
" तुम्हारा बस चले तो बदल ही दो 😅😆 "
" चीजों से मोह नहीं है ना तुमको तो बदलने को कहोगे ही 😔 | इस घर की एक एक चीज मैंने खरीदी है 🤩| एक एक चीज मेहनत से प्यार से खोज खोज के मैं लाइ हूँ 😎 | चीजों से प्यार होगा भी क्यों एक चव्वनी की चीज भी नहीं लाये हो तुम 😔 | लाते तब तो मोह होता ना तुमको | ये कपडे डालने की डोरी देख रहे हो ये भी मै ही आई हूँ कहते थक गई तुम नहीं लाये 🙄"
" देखो मै जो चीज लाया हूँ इस घर में उससे मोह और प्यार दोनों है मुझे 🥰"
" अच्छा 😲! तुम क्या लाये हो इस घर में जरा मैं भी तो सुनु 🤔 "
" तुमको 🥰😍😘 "




February 04, 2019

वसंत ----------- mangopeople




        "अअअअ छिं छिं छिं 🤧🤧 लो लग गई तुम्हारी सर्दी मुझे , दे दिया ना अपना इंफेक्शन 😏 "
" एक मिनट मैडम 🤓 मैंने ये इंफेक्शन नहीं दिया है, तुम ने लिया है | तुम आई मेरे पास मैं नहीं 😁 "
" अरे तुम स्लीपिंग ब्यूटी की तरह सो रहे थे तो क्या करती 🙄 "
"स्लीपिंग ब्यूटी 😯 हद है | "
" और नहीं तो क्या | मै कमरे में आई तुम्हारी नींद नहीं खुली , पंखा तेज कर दिया तुम्हारी नींद नहीं खुली , धम्म से कूद कर बिस्तर पर सोई फिर भी तुम्हारी नींद नहीं खुली | हद तो तब हो गई तुम्हारे निचे दबी चादर खींच ली फिर भी तुम्हारी नींद नहीं खुली 😄😌 "
"कुछ भी इतनी गहरी नींद में तो नहीं था मैं 🙄 "
"इतनी ही गहरी नींद में थे | बिलकुल स्लीपिंग ब्यूटी की तरह नींद ही ना खुल रही थी तुम्हारी 🥰🥰 "
"सच में 🤔"
"और नहीं तो क्या | फिर मैंने भी वही किया जो स्लीपिंग ब्यूटी को जगाने के लिए किताब में लिखा था 😘🥰 | उपाय काम करता है तुम जाग गए "
" 😅😅😅 चलो अच्छा है , तुम्हे भी हो गई सर्दी अब तुमसे दूर भागने की जरुरत नहीं | तीन दिन से तुमसे दूर रह रहा था 🥰बेकार में तुम भी बीमार पड़ जाओगी "
" अच्छा तो इस बुद्धू को लगता है कि मैंने युहीं स्लीपिंग ब्यूटी को जगाया था 😋 " 

#वसंत 







February 02, 2019

जिंदगी कैसी है पहेली हाय ------------- mangopeople



नीमो खो जाता है उसके महा समझदार पापा एक भुलक्कड़ मछली डॉरी  के साथ उसे खोजते बड़ी से ब्लू व्हेल के मुंह में चले जाते है , लेकिन पेट में गिरने से पहले उसके अलिजिह्वा ( uvula ) पकड़ लटक जाते हैं |
डॉरी  व्हेल की आवाज सुन उसे कहती है इसे छोड़ कर नीचे कूद जाओ |
समझदार पापा नीचे पाचन वाले झारीय अमलो का सागर देख ऐसा करने से मना कर देते हैं , उन्हें लगता है नीचे गिरे तो पचा लिए जायेंगे |
व्हेल से उसकी भाषा में बात करती डॉरी  बार बार उसे कहती है कि व्हेल कह रही है सब कुछ छोड़ कर बस बहो तो तुम ऐसा ही करो |
पर समझदार पापा उसे समझाते ये सही नहीं है |
अंत में डॉरी  कहती है ये आखरी मौका है अब तो तुम्हे वो छोड़ कर कूदना ही होगा |
उसकी बात पर भरोषा करके वो पेट में कूद जाता है और तभी व्हेल अपने अंदर का अतिरिक्त पानी जोर से बाहर फेकती है उसके साथ वो दोनों भी व्हेल के मुंह से बाहर आ कर समुन्द्र में गिर जातें है |
जीवन में कई बार ऐसा ही होता है हम अपनी ही समझदारी को पकड़े जिद्द पर अड़े होते हैं और जीवन बार बार इशारा करती है कि सब छोडो और चुपचाप बहो असल में वो हमें सही जगह ले जाने का प्रयास करती है और हम ही उसके साथ बहने के लिए राजी नहीं होते |