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July 08, 2022

अफगानिस्तान को लेकर कुछ फन फैक्ट 2

अफगानिस्तान  मे जब तालिबान  की दुबारा वापसी हुयी थी तब वहां के हालातो पर फेसबुक  पर लिखा था । उस समय की हुयी आशंकाएं आज सच हो रही है तो ये सब याद  आ रहा है 

फन फैक्ट 4 

अफगानिस्तान में आये बदलाव का असर  फिल्मो पर भी पडेगा , नहीं नहीं हम अफ़ग़ानिस्तान की फ़िल्म निर्देशक सहरा करीमी के  ख़त की बात नहीं कर रहें हैं |  वैसे उन्होंने सभी  उदारवादी प्रगतिशील  फिल्म वालों से अपनी पोस्ट शेयर करके मदद की अपील कि थी देखना होगा कितनी सोशल मिडिया वीरांगना अभिनेत्रियों ने उनकी पोस्ट शेयर किया हैं   | हम यहाँ बात कर रहें हैं हिंदी फिल्म उद्योग की | 


अब उरी जैसी फिल्मे शायद ना  बन पाये | संभव हैं कि भारत ही उस तरह की सर्जिकल स्ट्राइक ना कर पाए  क्योकि अब आतंकवादी प्रशिक्षण केंद्र शायद अफगानिस्तान शिफ्ट हो जाये | खुले बड़े मैदानों में , बिना किसी रोकटोक के , बिना किसी स्टेलाइट के निगरानी या सर्जिकल स्ट्राइक के डर के खुल कर भारत विरोधी आतंकवाद को प्रशिक्षित किया जा सकता हैं | 


हा ये हो सकता हैं कि टाइगर 3 -4 में सलमान  या बागी वाले असली टाइगर  या अपने नए भारत कुमार अक्षय अफगानिस्तान में मिशन पर जाते दिखे | उड़ता पंजाब की सीक्वल आ सकती है क्योकि अब सस्ता , अच्छा और  भरपूर माल की आपूर्ति सीधा अफगानिस्तान से होगी  | 

मुंबई हमलों पर बनी फिल्मो के भी कई रूप आ सकते हैं | 


एयर लिफ्ट की भी सीक्वल आ सकती है  उसका  भयानक डरावना ट्रेलर तो सभी ने कल टीवी पर देख ही लिया होगा | 


वैसे अफगानिस्तान के हालातों से हमें ज्यादा चिंता करने की जरुरत नहीं हैं | ये उनका आपसी मामला हैं हमें अंतराष्ट्रीय मुद्दों पर ज्यादा नहीं बोलना चाहिए |  हम पर उसका कोई असर नहीं होगा बस हमारी हिंदी फिल्मो पर होगा | 

फन फैक्ट 5

नया भारत , नया पाकिस्तान वाले चुटकुले ख़त्म भी ना हुआ था कि अब नया तालिबान भी आ गया | ये "नया" तो संक्रामक बीमारी हो गया ,फैलता जा रहा हैं ।

फन  फैक्ट 6 


कोई भी समाज, देश , सरकार जो धर्म और किसी धार्मिक पुस्तक के आधार पर चलती हो वो कभी आधुनिक सोच की नहीं बन सकती | आधुनिकता शानदार इमारतों , आधुनिक मशीनों , चमचमाती सडको , आर्थिक समृद्धि और  तकनीक के उपयोग आदि को नहीं कहते हैं | 


आधुनिकता बाहरी दिखावे से नहीं अंदुरुनी सोच और जमीनी व्यवहार को कहते हैं | किसी देश समाज में प्रत्येक व्यक्ति को कितने मौलिक ,मानवीय अधिकार मिले हैं , जनता को कितनी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता हैं , अल्पसंख्यकों और कमजोर वर्ग की तरह समाज,  सरकार का व्यवहार ,  महिलाओं की स्वतंत्रता , समाज में वर्ग , धर्म , लिंग भेद के बिना  सभी को प्राप्त  समानता , न्याय व्यवस्था का रूप आदि उसके आधुनिक और पुरातनपंथी रूढ़िवादी होने को दिखाता हैं | 


दुनियां में धर्म के आधार पर चलने वाला पहले से स्थिर कोई भी  देश आधुनिकता अर्थात मार्डन सोच की परिभाषा को छूता भी नहीं हैं | इसलिए धर्म को अफीम कहने वालों का  ये कहना कि धर्म के आधार पर सत्ता   पाने का  प्रयास करता  तालिबान , सत्ता की स्थिरता  पाने के बाद धीरे धीरे आधुनिक सोच को बनायेगी निहायत ही फनी सोच हैं | 

और हिन्दू राष्ट्र का सपना देखने वाले भी ये बात समझ ले जितना जल्दी अच्छा होगा | धर्म और आधुनिकता दो विपरीत चीजे हैं दोनों एक साथ नहीं रह सकती | 


फन फैक्ट 7 

लोग कितने तथ्यहीन बातें करते हैं और  बिना पूरी जानकारी के आरोप लगाने लगते हैं | लोग बोल रहें हैं कि  अफगानिस्तान के मुस्लिम जनता को मुस्लिम देश शरण क्यों नहीं दे रहें है | जबकि सारी दुनियां देख चुकी हैं कि इसके पहले पाकिस्तान में मुशर्रफ़ के कहर से बचाने के लिए नवाज शरीफ को सऊदी ने और अब अफगानिस्तान के राष्ट्रपति गनी को यूएई ने शरण दिया हैं | कौन कहता हैं कि मुस्लिम देश शरणार्थियों को शरण नहीं देते | बस शरणार्थियों के पास डॉलर भरे चार गाड़ियां और हवाई जहाज  होने चाहिए | 

फन फैक्ट कैसे लगे हमें जरूर बताइये और हमसे जुड़े रहें 

#फनफैक्ट

#funfact


July 07, 2022

अफगानिस्तान से जुड़े कुछ फन फैक्ट

अफगानिस्तान  मे जब तालिबान  की दुबारा वापसी हुयी थी तब वहां के हालातो पर फेसबुक  पर बहुत कुछ लिखा था । उस समय की हुयी आशंकाएं आज सच हो रही है तो ये सब याद  आ रहा है ।


फन फैक्ट  

आप विश्वास करेंगे हमारी लेफ्ट और राइट आँखे किसी एक ही चीज और घटना को अलग अलग तरीके से देखती हैं और लेफ्ट और राइट दिमाग उसी  घटना का अलग अलग तरीके से विश्लेषण करता हैं | विश्वास नहीं हो रहा हैं तो उदाहरण दे देतीं हूँ | 

उन दिनी  हमारी राइट आँखे और दिमाग कुछ मासूम अफगानी बच्चो की फोटो दिखा कर हमें बता रहा हैं कैसे मासूम  बच्चो को , निर्दोष लोगों को तालिबानी गोलियों से उड़ा दे रहें हैं और छोटी बच्चियों को अपनी यौन दासी बना रहें हैं | ये सब देख कर  राइट दिमाग और दिल में बहुत दर्द हो रहा हैं जबकि लेफ्ट आई को कुछ दिख ही नहीं रहा हैं | 


लेकिन ज्यादा समय नहीं हुआ जब हमारी लेफ्ट आई और दिमाग ऐसे ही मासूम बच्चों और लोगों की फोटो वायरल कर  दिखा रहा था कि फलीस्तीनी मासूम बच्चो और लोगों पर कैसे इजराइल बम गिरा कर उन्हें घायल कर रहा उन्हें मार रहा हैं | जबकि उसी समय पर इजरायल में दागे जा रहें हमास के रॉकेट उन्हें नहीं दिख रहें थे |  बिलकुल उसी समय में हमारी राइट आँखों को मासूम बच्चे नहीं दिख रहें थे वो सिर्फ हमास के  रॉकेट देख पा रहा था |  उस समय लेफ्ट दिल और दिमाग में दर्द ज्यादा हो रहा था | 


हैं ना मजेदार फैन फैक्ट | तो ऐसे ही मजेदार फन फैक्ट को जानने के लिए अपनी राइट और लेफ्ट आँखों को सही फ्रीक्वेंसी पर ट्यून करे और हमसे आज जुड़े रहें | 


फन फैक्ट 2 

आप बैंक में हैं वहां डकैत घुस जाते हैं  | प्राइवेट सक्युरेटी वाले भाग जाते हैं बैंक का कायर चौकीदार आत्मसमर्पण कर देता हैं | डकैत कहता हैं अपना रूपया पैसा हमारे हवाले करो  | आप उसका विरोध नहीं करते और अपना या  बैंक का    पैसा उसको दे  देते हैं अपनी मर्जी से  तो वास्तव में ये डकैती नहीं हैं | असल में  आपने डकैतों का सहयोग किया हैं  क्योकि  आप चाहते थे कि डैकत आये और डकैती हो | इसकी निशानी हैं कि आपने विरोध नहीं किया | क्या कहा डकैत के हाथ में हथियार था और आप डर कर चुप थे | 


एक बार आप अपना लेफ्ट  दिमाग बंद कीजिये फिर ना आपको बंदूक दिखेगी ना हथियार ना उनका डर |  सबकुछ शांति और अच्छे से होते दिखेगा  जैसे अब लेफ्टियों और कुछ ख़ास लोगों  को अफगानिस्तान में तालिबान का आना वहां के लोगों की अपनी मर्जी लग रहा हैं | उनके हिसाब से लोग विरोध में नारे  नहीं लगा रहें हैं तो ये आम  लोगों द्वारा  उनका स्वागत करना  हैं | 

उन्हें निहत्थे लोग और हथियारबंद तालिबान नहीं दिख रहें हैं | उन्हें ये नहीं दिख रहा कि जब आपकी सुरक्षा में लगे लोग भाग जाये या अपने हथियार रख आत्मसमर्पण कर दे तो निहत्थे लोगों का चुप रहना मर्जी नहीं   मजबुरी और डर होता हैं | जब लोग तालिबान का क्रूर चेहरा पहले देख चुके हैं तो घर में बंद रहना या एयरपोर्ट में जबरजस्ती घुस कर किसी भी हवाई जहाज में जबरजस्ती बैठ कर वहां से भाग जाना चाहेंगे ना कि विरोध में मरने के लिए नारे लगायेंगे | विरोध की उम्मीद उन आमलोगों से क्या करे जहाँ की सेना पुलिस ही कायर निकले | 


फन फैक्ट 3 

कुछ मजेदार चुटकुले हँस हँस के पेट दुःख जाये तो मेरी गलती नहीं | 


1 - ट्रंप खुद मजाक के पात्र थे जाते जाते दक्षिण एशिया को पिछले एक दशक का  सबसे मजेदार हिलेरियस  शब्द दे गये  -----गुड तालिबान

2 - अफगानिस्तान के राष्ट्रपति गनी भी कम नहीं , भागने से पहले अपने देश को एक चुटकुला सुना कर गए कि वो जनता की जान बचाने के लिए भाग रहें हैं और अब जनता की सुरक्षा तालिबान की जिम्मेदारी हैं | ये सुन कर अभी भी वहां के लोगों की  हँसी नहीं रुक रही | 

3 - लोग कितने अंधविश्वासी होते हैं वो संयुक्त राष्ट्र जैसी चीजों के होने पर विश्वास करते हैं | 


4 -जिन्हे कल तक भारत में सरकार विरोधी आंदोलनों में लोगों की चुप्पी से परेशानी थी | जो लोगों को बोल रहें थे कि आज चुप रहें तो कल तुम्हारी बारी होगी उन्हें अब परेशानी हैं कि लोग तालिबान पर क्यों बोल रहें हैं |


5 - जिन्हे कल तक भारत के किसान आंदोलन पर रेहाना , मिया खलीफा , ग्रेटा थनबर्ग के टिप्पणी से कोई समस्या नहीं थी अब उन्हें समस्या हैं कि भारत के लोग अंतराष्ट्रीय मामले में क्यों बोल रहें हैं | 

6 -कल तक जो पानी पी पी के मुसलमानो को बस उनके मुस्लिम होने के कारण भर से गलियां दिये जा रहें थे वो बचारे आज अचानक अफगानी मुस्लिमो के सगे बन कर उनकी चिंता में दुबले हुए जा रहें हैं |

7 -ये वाला सबसे मजेदार हैं | तालिबानी प्रवक्ता सुहैल शाहीन ने बीबीसी के रिपोर्टर से कहा कि  महिलाओं के बिना पिता भाई या पति के साथ अकेले घर से निकलने पर धार्मिक पुलिस द्वारा ना  पहले के तालिबान राज में पीटा गया और ना आगे पीटा जायेगा |  

बहुत सारे फनी चुटकुलों की बारिश हो रही हैं चारो  तरफ से और मजेदार चुटकुलों के लिए हमसे जुड़े रहें |