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June 16, 2022

ओटीटी सीरीज मॉर्डर्न लव

कहते हैं किसी किताब के कवर से किताब को जज नहीं करना चाहिए  वैसे ही किसी सीरीज के  नाम से सीरीज को जज नहीं करना चाहिए | अमेज़न  पर आ रहा मॉर्डर्न लव इसी बात को साबित करता हैं  | नाम से यही लगता हैं जैसे आज के ज़माने के किसी लव स्टोरी की बात होगी लेकिन देखने पर पता चलता हैं ये वास्तव मे इंसानी रिश्तों इंसानो के बीच हर तरह के प्यार को दिखाता हैं | 


हर एपिसोड में अलग अलग कहानियों को दिखाया गया हैं और पहली ही कड़ी में ये हमारी उस धारणा को तोड़ देता हैं जो नाम के कारण हमारे दिल  दिमाग में होता हैं | पहली कहानी एक  ईमारत मे रह रही एक युवा लड़की और इमारतके दरबान के बीच के अनकहे से पिता पुत्री जैसा या गार्जियन जो भी समझिये के प्रेम को दिखाता हैं |   

युवा प्रेमकहानी भी हैं और वृद्धावस्था में हुआ प्रेम और विवाह भी हैं | एक कहानी गे कपल और उन्हें अपना बच्चा देने वाली गर्भवती लड़की के बीच रिश्तो पर हैं तो एक कहानी विवाह बचाने के लिए संघर्ष कर रहे जोड़े की भी हैं | दो कहानियां मिलने और बिछड़ने का एक ऐसा किस्सा दिखाती हैं कि अंत में ओह निकल जाए | एक कहानी ऑफिस में काम कर रहे दो अलग उम्र के लोगों के बीच  रिश्तो को लेकर गलतफहमी पर हैं | दोस्ती और  प्रेम की गलतफहमी में जी रहे कॉलेज के दोस्तों की भी कहानी  हैं |  एक कहानी में डिप्रेशन से जूझती लड़की को बाहर निकालने कोई   प्रेमी नहीं कोई और आता हैं  |


दूसरे सीजन की पहली  कहानियां दो बस दिल ही छू लेती हैं |    दूसरे विवाह में खुशहाल जीवन जी रही महिला का पहले पति के लिए  बचा प्रेम हैं | तो दूसरी कहानी हमारी लॉकडाउन की यादे ताजा कर देती हैं जिसमे  पहले  लॉकडाउन के समय उपजा प्रेम फिर उससे बिछड़ना और फिर लॉकडाउन के बीच ना मिल पाने का दुःख |  

दोनों सीज़न  आठ आठ एपिसोड का हैं ,  हिंदी सबटाइटल के साथ |   निर्माता के दावेके अनुसार ये सभी कहानियां सच्ची हैं और हमें तो  सब अच्छी लगी | कुछ हल्का फुलका देखना हो जो एक ही एपिसोड में ख़त्म हो जाये आगे के लिए रुकना ना पड़े , जो दिल दिमाग  को तनाव और दुःख ना दे कर सकून दे तो देख सकते हैं ये सीरीज | 

#देखासुना 









June 13, 2022

मार्डन लव और लॉकडाउन

जगह आयरलैंड में एक बड़े शहर से छोटे  शहर जा रही एक ट्रेन हैं | समय 2020 का हैं जब दुनियां में कोरोना का आगमन हुआ था और सभी जगह पहला दो हफ्ते का लॉकडाउन लगना शुरू हुआ था | ट्रेन से  लड़की लॉकडाउन के कारण कॉलेज से अपना सारा सामान ले  माँ के घर जा रही है | उसे सफर केलिए एक अच्छे सहयात्री की तलाश हैं | 

एक लड़का आता हैं जो लॉकडाउन के कारण अपने भाई के घर जा रहा हैं | कुछ देर बाद दोनों में बातचीत शुरू हो जाती हैं | लड़की बताती हैं वह मध्यकालीन इतिहास पढ़ रही हैं और लड़का एक विज्ञापन कंपनी के टेक विभाग में हैं |  दोनों एक दूसरे की बातों को फिर एकदूसरे को पसंद करने लगते हैं | 


लड़का कहता हैं उसे हर शुरू की गयी चीजों का अंत करना पसंद हैं चीजों को उसके  परिणाम तक पहुँचने अच्छा लगता हैं |  जबकि लड़की कहती हैं उसे चीजे बीच में ही छोड़ देने की आदत किसी चीज का अंत  करने की क्या जरुरत हैं | 

लम्बे सफर के बाद जब वो स्टेशन पर उतरते हैं तो लड़का तय करता हैं  कि वो एक दूसरे का फोन नंबर या पता नहीं लेंगे बल्कि दो हफ्ते बाद जब लॉकडाउन ख़त्म होगा तो इसी स्टेशन पर मिलेंगे और एक ही ट्रेन से लौटेंगे |  तब तक पता चल जायेगा कि वो एक दूसरे कोलेकर गंभीर हैं कि नहीं | 


लड़की माँ के घर आ कर जब  सारा किस्सा सुनाती हैं तो माँ बहुत उत्साहित होती हैं और उसे लडके के बारे में गम्भीरता से सोचने के लिए कहती हैं जबकि लड़की अपने  स्वभाव के अनुसार थोड़ी उदासीन हैं | लडके के घर उलटा होता हैं उसका बड़ा भाई उसे लड़की   के प्रति हत्तोसाहित करता हैं की तुम ज्यादा सोच  का उसके प्यार  में मत पड़ो ,  पता चला वो दो हफ्ते बाद नहीं आयी तो  तुम्हारा दिल टूट जायेगा | 


दो हफ्ते बीतने के दो दिन पहले ही दोनों को पता चलता हैं कि लॉकडाउन दो हफ्ते के लिए और बढ़ गया हैं | लड़का ये सुन चिंतित  हैं कि अब वो लड़की से कैसे मिलेगा स्टेशन कैसे जायेगा | वो नहीं जा पायेगा और लड़की आ कर लौट गयी तो | उधर लड़की पहले ही सोच लेती हैं ये  तो होना ही था अब हम नहीं मिल पायेंगे तो छोड़ो मिलने की बात | 


लड़की की माँ उसके इस निराशावादी रुख से नाराज हो उसे बढ़ावा देती है कि कैसे भी करके स्टेशन जाए | उसने तो पूरे मोहल्ले को ये बात बता शर्त  भी लगा ली हैं कि लड़का स्टेशन जरूर आएगा | लड़की कहती हैं वो नहीं आयेगा फिर फिजूल की झंझट दुःखी होने वाला काम क्यों किया जाये | इधर लड़का अपने भाई को मनाता हैं कि स्टेशन जाने के लिए अपनी कार दे दे क्योकि शहर में कोई ही गाड़ी नहीं चल रही हैं | 



भाई कार नहीं देता क्योकि उसे पुलिस द्वारा पकड़े जाने का डर हैं और ऑर्डर घर से सिर्फ दो किलोमीटर तक जाने का हैं | लड़का भाई की साईकिल ले कर निकल जाता हैं लेकिन रास्ते में पुलिस रोक देती हैं | पहले वो झूठ बोलता हैं कि पास की बिल्डिंग में ही रहता हैं बस स्टेशन तक जा रहा हैं लेकिन जब महिला पुलिस उसे आगे जाने के लिए मना  कर घर जाने के लिए कहती    है  तो वो उसे सारा किस्सा स्टेशन जाने का सूना देता हैं | 


पुलिस अब उसे और डांटती हैं कहती हैं स्टेशन पर कोई ट्रेन नहीं चल  रही हैं वो घर जाए क्योकि लड़की भी इस सुरक्षा के बीच , चाहेगी भी तो स्टेशन नहीं आ पायेगी | लड़का निराश हो घर आता हैं और लड़की भी अपने साईकिल से घर  वापस आ जाती हैं | मोहल्ले के लोग इस तरह निराश आता देख समझ जाते हैं वो लड़के से मिल नहीं पायी | 


लड़की को चीजों का अंत करना नहीं आता इसलिए वो वापस अपने काम और पढाई में लग जाती हैं जबकि माँ फिर से कहती हैं बस इतना ही तुम उसे भूल जाओगी | उधर लड़का अब भी छोड़ने को तैयार नहीं हैं और वो फोन नंबर ना लेने पर अफसोस करते ट्रेन में उससे हुयी बात को याद करता हैं | तभी उसे याद आता हैं लड़की फोन पर आपने सामान ले जाने के लिए गाड़ी वाले को अपने घर का पता बताती हैं | 


बहुत याद करने पर लडक को उसकी कालोनी मोहल्ले का नाम याद आ जाता हैं | और कहानी वहां ख़त्म होती हैं जब लड़का लड़की के मोहल्ले के मुहाने पहुँच कर  सुकून  की साँस लेता हैं |  


मॉर्डन लव का ये एपिसोड एक प्यारी प्रेम कहानी के साथ लॉकडाउन की यादे भी ताजा कर देती  हैं | बिलकुल फ्लैशबैक में ले गया जैसे  | कैसे सुनसान सड़के होती थी , कैसे लॉकडाउन पर सब घर भाग रहें थे , कैसे इस खाली समय को सब इधर उधर के काम  करके बिता रहें थे  तो कैसे बहुत से लोगों के लिए घर जेल बन गया था  | जहाँ 2020 का लॉकडाउन डर के बीच मजेदार गुजरा तो 2021 ने डर और दहशत ने सभी को अंदर से झंकझोर दिया । 


#फ्लैशबैक