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August 13, 2022

अश्लीलता तो दिमाग मे होती है

छ साल की छोकरी,

भर लाई टोकरी

टोकरी में आम हैं,

नहीं बताती दाम है

दिखा-दिखाकर टोकरी,

हमें बुलाती छोकरी,

हमको देती आम है,

नहीं बुलाती नाम है

नाम नहीं अब पूछना

हमें आम है चूसना!”

 पहले ही चेतावनी दे दूँ कि इस पोस्ट में ढेर सारे अश्लील शब्द हैं अर्थात पोस्ट ही बड़ी अश्लील हैं , अपने रिस्क पर पढ़े | 

कुछ  समय पहले ज्ञान मिला कि  ऊपर लिखी बाल कविता अश्लील हैं | चार बार कविता हर कोण से पढ़ा कुछ भी अश्लील नजर नहीं आया | अपना अश्लीलता ज्ञान ट्यूबलाइट जैसा हैं और थोड़ा कमजोर हैं | 

हमने कविता पतिदेव को सुनाते  कहा  जरा अपना अश्लील मर्दाना दिमाग लगाते बताओ की मैं क्या सोचूं की कविता अश्लील लगे | बोले बड़ा सामान्य सा हैं आम को लड़की का अंग समझ लो | हमने तुरंत उन्हें और पूरे  मर्द जाती को मन ही मन दण्डवत प्रणाम किया ऐसे शानदार अश्लील गंदे दिमाग के लिए  | 

लोग इसे अश्लील बोलते भूल गए की कविता छः साल के छोटे बच्चे के लिए हैं, जिसका दिमाग बातों का वही अर्थ निकालता हैं जी लिखा गया हैं | कविता अश्लील दिमाग रखने वाले उनके बाप के लिए नहीं है| इतने छोटे बच्चे के लिए साहित्य नहीं रचा जाता , कम मात्राओं वाला,  कैची तुकबंदी रची जाती हैं | इतना आसान की उसे पढ़ते ही वो उसका मतलब समझ जाए |  

दुनियां में कुछ भी अश्लील हो सकता हैं दोहरे अर्थों वाला हो सकता हैं बस आपके पास एक गंदा अश्लील दिमाग होना चाहिए | आम और उसे चूसना भी अश्लील हो सकता हैं अगर उसके साथ लड़की भी हो , ये तो दिमाग में कभी आया ही नहीं |

 

बड़ी शर्मिंदगी हुयी ये सोच शायद पिछले साल हमने एक चूसने वाले देशी आम के पोस्ट पर बड़े मजे ले कमेंट किया था कि आम चूसकर  खाना आनंद दायक होता था बचपन में सब मिल कर ऐसे ही खाते थे  | अब लग रहा हैं इस कमेंट को कितने ही ख़राब दिमागों ने कुछ और मजे  ले पढ़ा होगा | 

अब अश्लीलता के अपने ज्ञान की डिक्शनरी ( इतने साल लोगो ने इंटरनेट का सबसे बढियाँ महत्वपूर्ण उपयोग नॉनवेज चुटकुले के लिए  किया हैं तो आपके पास अश्लील शब्दों की डिक्शनरी तो बन ही जाती हैं )  निकालू तो इसकी जगह बहुत सारे शब्द होते तो वो भी अश्लील घोषित हो जाते , बस आपके सोचने का तरीका खराब होना चाहिए  | 

छोकरी लायी गेंद , छोकरा लाया  बल्ला , भयंकरतम अश्लील , दो छोटे बच्चे अगर लड़का लड़की हैं तो बैट बॉल नहीं खेल सकते वो अश्लील घोषित होगा | वैसे आप लड़की के साथ कुछ भी ला दीजिये अश्लील दिमाग उसका दूसरा अर्थ निकाल ही लेंगे | 

उन्हें इस बात से फर्क नहीं पड़ता कि कि कविता की पहली लाइन में छः साल की छोकरी लिखा हो और बगल में एक प्यारी सी बच्ची की फोटो लगी हो | एक अध्ययन में सामने आया कि बच्चो का यौन शोषण करने वाले बच्चो को बच्चा नहीं समझते हैं , उनके लिए वो व्यस्क की तरह मात्र शरीर होते हैं और उन्हें बस वही दिखता हैं |

 जैसे बहुतों  को स्त्री मात्र स्त्री नहीं नहीं बस उसकी योनि दिखती हैं तभी तो --तिया बोल बोल  स्त्री के अंग की माला दिनभर लोग जपते रहते हैं | पता नहीं इन गंदे दिमागों को दिनभर स्त्री योनि का नाम ले उन्हें कौन सा चरमसुख मिलता हैं | 


वैसे दिमाग गंदा हो तो लडके  भी नहीं छूटेंगे | लड़का अकेला , उसने खाया केला , अश्लील |   लड़का  छोटा उसका तोता  खोटा ,  अश्लील |   ( मराठी में लडके को मुलगा कहते हैं ) प्यारा सा मुलगा उसने पाला मुर्गा , अश्लील | जिन  महिला मित्रो को ( पुरुषों को आ रहा होगा समझ  में )   इसमें भी अश्लीलता ना दिख रहा हो तो बता दूँ पुरुष अपने अंग विशेष की तुलना या नाम इस तरह के  बहुत सारे शब्दों से करता हैं | अब अश्लीलता आपके दिमाग डाल दी अब दुबारा ऊपर की लाइने पढेंगी तो वो अश्लील लगेगा | 

वैसे ये अपने अंग को नाम देना  ब्रेस्ट कैंसर के लिए  चलाये अभियान में  महिलाओं को अपने दोनों स्तनों को कोई नाम दे उनकी देखभाल करके उनका ध्यान रख ब्रेस्ट कैंसर से बचने का सन्देश वाला  महिलाहित का मामला नहीं हैं | ये पूरी तरह से गंदा ,  घटिया, ही ही ही करते मजे  लेने के लिए किया गया काम होता हैं | 

ऐसे लोग  ये समझ ही नहीं पातें  दुनियां से बहुत सारे साफ़ मासूम दिमाग उनके  गंदे दिमाग की तरह नहीं चलते हैं | इन घटिया दिमाग वालों ने वैसे अक्षरों को भी नहीं छोड़ा हैं | हाल में फैशन कंपनी मंत्रा के लोगो  का अंग्रेजी अक्षर M भी अश्लील लग रहा था | उनके हिसाब से ये लड़की की खुली टांगो जैसा दिख रहा हैं | पॉर्न देखते देखते इनकी  नजर सब कुछ उन्हें वैसा ही दिखाने लगती हैं , बेचारे करे भी तो क्या | 

 एक महिला मित्र ने एक रोमांटिक गाना पोस्ट किया   " प्यार का दर्द हैं , मीठा मीठा प्यारा प्यारा " कोई आ कर कह जाता हैं गाना अश्लील हैं | दिमाग सोच में पड़ गया इसमें क्या अश्लील हैं ये तो बड़ी सामान्य सी बात हैं कि प्यार में दर्द भी मिलता हैं और लोग प्रेम की चाहत में उसे सहते भी हैं | फिर पुरुष  की तरह सोचना पड़ता हैं कि भी प्रेम का और क्या मतलब हो सकता हैं किसी पुरुष के लिए , जवाब तुरंत मिलता हैं "सेक्स" | समझ आ गया और हो गया गाना अश्लील | कहा था ना दिमाग गंदा होना चाहिए सब अश्लील बन जायेगा | 


एक महिला मित्र ने लिखा बिटिया विदेश जॉब के लिए गयी और पहले दिन ही ढेर सारा काम मिल गया , पेलाई शुरू हो गयी बिटिया की | समझ गयी उन्हें इसका आजकल जिन अर्थों में प्रयोग होता हैं  नहीं पता | उन्हें तुरंत इनबॉक्स में मैसेज किया कि पेराई , पेलाई आदि का मतलब भले हमारे लिए निचोड़ना , घिसना अर्थात मेहनत से होता हो लेकिन गंदे दिमागों ने इसका अर्थ भी घटिया बना दिया हैं | उन्होंने तुरंत  उस शब्द को बदला | 


आज आम और उसे चूसना भी अश्लील शब्दों की   डिक्शनरी में चला गया  | अब लग रहा हैं ये सोशल मिडिया की दुनिया अश्लील दिमाग वाले गंदे लोग चला रहें हैं क्योकि जैसे ही वो किसी शब्द को अश्लील तरीके से प्रयोग करते हैं बाकी भी मूर्खों की तरह उसके हा में हां मिला उसे अश्लील घोषित कर देतें हैं  | देखियेगा ये एक दिन ये  हमारे सारे शब्दों को चुरा कर हमें शब्दहीन कर देंगे या हमें भी अश्लील घोषित कर देंगे  |