एक दिन पतिदेव को खान सर के दो वीडियों दिखाए | एक कोरोना कैसे फेफड़ो में घुसता हैं और दूसरा कोरोना टेस्ट को लेकर | उन्हें बड़ा पसंद आया , बोले तुरंत मुझे व्हाट्सप्प करो अपने जूनियर्स को दिखाना हैं | मुझे भी पता था उनके कई जूनियर्स कोरोना को लेकर लापरवाह थे |
जैसे ही उन्हें लिंक भेजा उन्होंने तुरंत अपने टीम के जूनियर्स को ग्रुप काल किया | अभी एक लिंक भेजा हैं उसे जरा ध्यान से देखो और सीखो कैसे प्रजेंटेशन बनाते हैं , कैसे स्क्रीन को यूज करते है , कैसे उसे इंट्रेस्टिंग बनाते हैं | तुम लोगों का प्रजेंटेशन देख कर मुझे शर्म आ जाती हैं | मुंबई की नाक कटा देतें हो , बैंगलोर वालों को देखो कितना अच्छा करते हैं वो | अब तो सामने भी नहीं बोलना हैं फिर क्यों घबराते हो ब्ला ब्ला उनका आधे घंटे तक चलता रहा |
हम सोचते रहें अच्छा इन्होने खान सर के वीडियों में ये देखा मैंने तो इन्हे कुछ और ही दिखाने का प्रयास किया था | व्यक्ति वही सीखता और लेता हैं जो वो लेना चाहता हैं बकिया आप कितना भी प्रयास कर लो कुछ और समझाने का फायदा नहीं हैं | कोरोना काल से घर पर काम करते देख रही हूँ उधर भी कम मजेदार किस्से नहीं होते