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July 22, 2022

पापा की परी

बिटिया चार पांच  साल की रही होंगी स्कूल से मिला  होमवर्क करने के लिए कहा तो नाराज हो गयी , उन्हें खेलने जाना था | गुस्से में कहतीं हैं मुझे कितना कम समय खेलने का मिलता हैं और तुम लोग कितनी ज्यादा देर खेलते हो | मैं स्कूल चली जाती हूँ तो तुम दोनों ( मम्मी पापा ) आराम से आपस में खेलते हो | मैं स्कूल से आती तो मेरे साथ खेलने की जगह मुझे फिर से पढ़ने के लिए बोलते हो | 

उस दिन बिटिया को पता चला कि जब वो स्कूल से आती हैं तो पापा अपने दोस्तों के साथ बाहर खेलने नहीं गए होते हैं | वो भी उनकी तरह स्कूल जाते हैं और उनको बिटिया से ज्यादा होमवर्क मिलता हैं जो उन्हें लैपटॉप पर करना पड़ता हैं | उनको मैम  नहीं सर पढ़ाते हैं जो बहुत स्ट्रीक हैं | 

एक दिन अपने पापा को ज्यादा देर काम करते देख बोली ,  पापा मम्मी को बोलो वो तुम्हे दूसरे स्कूल में डाल दे इस स्कूल में तुम्हे बहुत ज्यादा होमवर्क मिल रहा हैं | इस तरह तो तुम्हे कभी खेलने का टाइ ही नहीं मिलेगा | 

May 29, 2022

हर मर्ज की दवा मम्मी

"  मम्मी बायो की बुक कहाँ हैं " 

"  वही  होगी जहाँ तुम रखी हो " 

" मेरे अलमारी में नहीं मिल रही " 

" मैं जरुरी काम कर रही हूँ | ठीक से देखो वही होगी " 

" बोल रही हूँ  ना  नहीं मिल रही हैं ज़रा सा आ कर देख नहीं सकती क्या " 

"  मैं आयी और  बुक वहीँ मिली मुझे ,  तो सोचके रखना फिर तुम "  

"  पापा तुम ही  थोड़ी हेल्प करो , एक बार देख लो ना कहीं हैं क्या "  

अंततः बाप बेटी दोनों को बुक वहां नहीं मिली और अपना जरुरी काम छोड़ मुझे उठना पड़ा और बुक एकदम सामने वही पर  मिल गयी | 

" पापा मुझे पता ही था कि मम्मी आयेगी और बुक उसे ही मिलेगी  " 

" बाबू तुमको पता था कि मम्मी को ही बुक मिलेगी तो बीच में मुझे  बुला कर क्यों फंसा दिया | अब लो तुम्हारे साथ मुझे भी सुनना पडेगा | बैकग्राउंड में मम्मी चालू थी 

" दोनों के दोनों अंधे हो | क्या मजाल की एक काम तुम लोग ठीक से कर लो | दो मिनट भी शांति से बैठने नहीं दे  सकते दोनों | तुम दोनों सुबह आंख खोलते ही हो ये टास्क  लेकर कि आज कैसे मुझे परेशान किया जाए | कैसे मुझे  शांति से कुछ करने ना दिया जाए ब्ला ब्ला ब्ला ब्ला ब्ला ब्ला ब्ला ब्ला -----


December 26, 2019

पापा की परी 2 ------mangopeople


बिटिया एकदम छोटी सी थी तो हम सब हर चीज में उनसे जान बुझ कर हार जाते और वो "मैं वीन मैं वीन" कह कर खूब उछलती | थोड़ी बड़ी हुई स्कूल में स्पोर्ट डे आया तो  इन्होने भी उसमे हिस्सा लिया ,  मैंने सोचा इनकी थोड़ी प्रेक्टिस करा दी जाए बाकी बच्चों के साथ |
शाम को पार्क में दूसरे बड़े बच्चों के साथ इनकी प्रेक्टिस में ये तीसरे स्थान पर आई लेकिन मै वीन मैं वीन कह कर फिर ख़ुशी से उछलने लगी | तब मुझे समझ आया कि ये तो जीतने हारने का मतलब ही नहीं जानती |
उन्हें लाख समझाया कि वो तीसरे स्थान पर थी जीत किसी और की हुई , लेकिन वो मानी ही नहीं |
उसके बाद बिटिया के पापा जी को समझाया गया अब  जानबूझ कर मत हारों , इन्हे जीतने हारने का मतलब भी पता चले और हर बार कोई जीत नहीं सकता कभी कभी हारते भी ये भी सीखे |
लेकिन पापा जी कहाँ मानने वाले थे , बोले इतनी छोटी है उसे कुछ भी पता नहीं होगा | उसे तो लगता होगा वही जीत रही हैं मैं कोई जानबूझ कर थोड़े हार रहा हूँ | मैंने तो जानबूझ कर हारना छोड़  दिया उस दिन से , नतीजा ये हुआ की बिटिया मेरे बजाये अपने पापा के साथ ज्यादा खेलती |
एक दिन पापा जी घर पर बिटिया के लिए कोई  सामान लाये , देखा तो वो  बहुत ख़राब क़्वालिटी का था  | खूब गुस्सा आया और गुस्से में उन्हें डांट लगा दी  |  वो कहने लगे सामान रख दो बाद में बदल दूंगा |
मैंने भी चिढ़ाने के लिए बोला तुम सामान रहने दो इस बार तो मैं उसका पापा ही बदलने वाली हूँ , ये पापा एकदम अच्छा नहीं हैं |
ये बात बिटिया भी सुन ली अब उन्हें ये तो पता चला नहीं कि मम्मी  मजाक कर रहीं हैं ,   बोली नहीं मुझे अपना पापा नहीं बदलना हैं | मुझे उनकी इस बात पर हँसी आई लेकिन मैंने उन्हें भी चिढ़ाने के लिए फिर कहा ये पापा कुछ भी ढंग का काम नहीं करता , मैं पक्का ये पापा बदल दूंगी  |
उस पर वो अपने पापा से लिपटते बोली नहीं मेरे पापा बहुत अच्छे हैं |  इतने में मारे ख़ुशी के पापा जी की तो गर्दन ही अकड़ गई , बिटिया से प्यार जताने लगी | लेकिन बिटिया यहीं नहीं रुकी बोली कितने अच्छे हैं मेरे पापा  , हर खेल में मुझे जीताते हैं , वो खुद हर खेल में जानबूझ कर हार जाते हैं | कल पंजा लड़ाने में भी मुझसे हार गए थे , मुझे मेरे पापा ही चाहिए  |
इतना सुनते ही मैं हँस हँस कर लोट पोट हो गई और पापा जी का चेहरा देखने लायक था | हँसी उन्हे  भी आ रही थी लेकिन शायद खुद पर ज्यादा ,कि वो इतने दिनों से ये सोच रहें थे कि बिटिया कुछ नहीं समझती और बिटिया सब समझ कर भी पापा जी का दिल खुश कर रहीं थी |

December 25, 2019

पापा की परी-------mangopeople


पांच साल की बिटिया स्कूल से आते ही ख़ुशी ख़ुशी अपना हाथ दिखाने लगी |
" मम्मी देखो आज मैम ने मुझे हाथ में एक गोल्डन स्टार दिया हैं और दो दो चॉकलेट दिया हैं "
" अरे वाह ऐसा क्या किया हैं "
" मैम ने एक सवाल पूछा था और उसका जवाब लिखना था | मैंने अच्छा सा लिख दिया तो मैम ने वैरी गुड बोल कर कॉपी में भी थ्री स्टार दिया हैं और दो चॉकलेट दिए "

" क्या पूछा था मैम ने "

" पूछा था तुम्हे सबसे अच्छा दिन कौन सा लगता हैं "
इतना बोल वो खेलने में व्यस्त हो गई और मुझे लगा ऐसा क्या जवाब अपने मन से लिखा हैं कि टीचर ने इतनी शाबासी दे दी हैं | कॉपी निकली तो उस पर लिखा था

" मुझे संडे पसंद हैं क्योकि उस दिन पापा घर पर होते हैं और मैं उनके साथ खूब खेलती हूँ "
ना जाने कितने सालों तक मैंने वो कॉपी संभाल कर रखी थी 🥰