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July 07, 2017

सतर्क रहना है आप को आखिर पैसा है आप का -------- mangopeople



                                       
                                                                      पांच साल पहले बैंक की सतर्कता देख दिल बाग़ गार्डन सब हो गया था | भाई की शादी के लिए हम शॉपिंग के लिए निकले , मौका विवाह का था तो बिल खूब लम्बे बन रहे थे | जैसे ही तीसरी बार जब पति ने डेबिड कार्ड स्वैप कराया तो बस आधे मिनट के अंदर ही उन्हें बैंक से फोन आ गया की आप के कार्ड से अचानक बहुत सारी शॉपिंग हो रही है , क्या कार्ड आप ही प्रयोग कर रहे है | पति ने उन्हें आश्वस्त किया की कार्ड वही प्रयोग कर रहे है और मैंने तुरंत उन्हें कहा की उसे बताये की शॉपिंग ख़ास मौके के लिए ही किया जा रहा है और अगली बार भी जब कभी हमारे कार्ड से ज्यादा शॉपिंग हो तो तुरंत हमें सूचना दी जाये उसे सामन्य न माना जाये | ये निर्देश जरुरी था कही अगली बार वो ये न समझे की हम तो इतना खर्च करते रहते है ये सामान्य बात है |

                      लेकिन सभी बैंक इतनी सतर्कता दिखाए ये जरुरी नहीं इसका बुरा उदहारण दो साल पहले देखने को मिला | जब बहनोई के अकाउंट से लाख रु से ऊपर की शॉपिंग हो गई रात को १२ बजे और उन्हें बैंक से मैसेज सुबह ९ बजे मिला | उनके होश उड़ गये तुरंत बैंक भागे और पता किया , क्या लिया गया है और कहा | पता चला फ्रॉड अमेरिका से किया गया है  ८५ हजार रु में एक हवाई जहाज का टिकट बुक किया गया है अमेरिका से यूरोप का बाकि के ३०-३५ हजार की शॉपिंग की गई है | बहनोई खुद टूर और ट्रेवलिंग में नौकरी करते है इसलिए बैंक से ही एयरलाइंस का नाम पता किया गया और पुलिस और सारे जरुरी कागजात ले उसके पास पहुँच गए | शुक्र था की टिकट उस दिन शाम की थी और उस पर यात्रा नहीं किया गया था सारे सबूत दे कर टिकट को कैंसिल कराया गया | वो ८५ हजार उन्हें मिल गये , किन्तु अपने प्रयास से और इस कारण की वो दिल्ली जैसी जगह पर थे और उन्हें पता था की क्या और कैसे  करना है | बाकि के पैसो के लिए उन्हें बैंक के खूब चक्कर लगाने पड़े जबकि उनकी मदद एक निजी बैंक के मैनेजर कर रहे थे | उस समय शायद २१ दिन में पैसे वापस आने के रिजर्व बैंक के निर्देश थे जिसकी कोई कीमत नहीं थी | उन्होंने शिकायत की ये एकाउंट उनका निजी है , जिससे कभी भी उन्होंने इतना ज्यादा पैसा एक साथ खर्च नहीं किया है साथ ही  डॉलर और विदेश में पेमेंट तो कभी भी नहीं किया है बैंक ने कैसे पैसे को रिलीज किया और तो और उन्हें समय से एसएमएस भी नहीं किया गया | उनका बैंक सरकारी था और मेरे पति का निजी |

                                      इस तरह के फ्रॉड में ज्यादातर पहले एक दो डॉलर की रकम खर्च कर चेक किया जाता है , ये बहनोई के साथ भी हुआ था लेकिन उन्हें मैसेज ही नहीं आया | उन्होंने और मेरी बहन ने भी बताया उनके ऑफिस में इसके बारे में सभी को पता होता है |  ऑफिस के बिजनेस कार्ड से ऐसा करने के कई प्रयास हुए है बैंक को निर्देश है की वो इतने कम रकम की कोई भी पेमेंट न करे और उन कार्ड से पेमेंट सिर्फ भारत से ही होंगे विदेश से बिलकुल नहीं | विदेश में बैठे ऐसे फ्रॉड लोगो का कभी कुछ नहीं होता , भारत के साइबर सेल वाले कुछ भी नहीं करते और रिजर्व बैंक के बैंको को दिए निर्देश की १० दिनों में पैसे वापस कीजिये इसकी भी कोई कीमत नहीं होती | पैसा आप का है  और सतर्कता भी आप की ही दिखानी होगी | बैंक वाले आप को सही समय पर एक सूचना भेज दे आप तो बस उसी की कामना कीजिये |




#हिन्दी_ब्लॉगिंग 








January 04, 2017

ये शहर नहीं जंगल है , सतर्क रहिये -------mangopeople



                                                                   कोई कुछ भी कहे किन्तु मुझे भी गलती उन लड़कियों की ही दिख रही है । आये दिन जिस तरह की वारदाते हो रही है उसे देखते हुए उन्होंने कैसे सोच लिया की वो एक सुरक्षित समाज में है और उन्हें सुरक्षा के कोई उपायो की कोई जरूररत नहीं है । कितनी बार पर्स में पेपर स्प्रे रखने की सलाह दी गई , चाकू ब्लेड से लेकर कुछ भी अपने लिए रख सकती है । कितनो ने अभी तक हथियारों के लाइसेंस के लिए अप्लाई किया है । दुसरो को कुछ मत कहिये गलती आप की है जो आप समझती है कि आप एक सभ्य समाज में रह रही है , जब आप घर से निकले तो समझिये आप जंगल में है और चारो तरफ जंगली जानवर , जिनसे आप को हर समय सतर्क रहना है और आप का शिकार करने के लिए बढे तो सीधा गोली मार दीजिये ।
                                                                   पढाई लिखाई किसी इंसान की सोच नहीं बदल सकते है , ये सब बाते आप की अपनी गलतफहमी है पढ़ा लिखा आदमी ये सब नहीं करता । कितना भी पढ़ ले आदमी आदमी ही होता है इंसान नहीं बन जाता । पढ़ा लिखा आदमी सीना ठोक कर रोज बताता है , Men will be Men और पुरातनपंथी कहता है कि आदमी के अंदर जानवर होता है , उसे उकसाना नहीं चाहिए । वो तो स्त्री रूपी प्लस्टिक के उन पुतलो को भी देख भड़क जाता है , जो कम कपड़ो में हो , मुम्बई में उन्हें हटवाया गया , क्योकि वो आदमी को आदमी बना रही थी , अंदर के जानवर को उकसा रही थी । आप तो जीती जागती है और आप की जान बहुत कीमती , हर हाल में उन जानवरो से ज्यादा , जो अपनी जरुरत के लिए आप के जान की भी परवाह नहीं करेंगे ।

                                                                  मैं अब भी कहा रही हूँ , पुरुषो को और उनकी सोच को दोष देना अब बंद कर दीजिये , जो चीज नहीं बदल सकती उसे हर बार दोष नहीं दिया जा सकता है । उसे उसके हाल पर छोड़ आगे बढ़ाना चाहिए और अपनी तैयारी करनी चाहिए, यदि सुरक्षित रहना चाहती है । जब दूसरे न सुधरे तो अपने आप को बदल देना चाहिए । आप के साथ कोई पुरुष हो न हो , आप दिन में चले या रात में , सुनसान जगह या भीड़ में , अपनी जिम्मेदारी खुद लीजिये । इस पागलपन में मत जिये की कोई और जरुरत पड़ने पर आप की मदद को आयेगा , सोचिये की जब आप घर से निकलती है तो जंग पर जा रही है , और दुश्मन कोई भी हो सकता है , और जंग पर जुबानी हथियार से नहीं जाते । तैयार कीजिये अपने शरीर को दिमाग को मन को , तैयारी हर तरह के हथियारों के साथ ।