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August 05, 2022

टूटते तारों से दोस्ती की विश

13 -14 साल के दो लडके और एक लड़की हैं ,   तीनो पक्के दोस्त हैं बचपन से |  अचानक से  सुपर इंटेलिजेंट लड़की की माँ की  एक एक्सीडेंट में मौत हो  जाती हैं | वो परिस्थितियों  को ठीक से संभाल नहीं पाती | तीनो दोस्तों का मिलना जुलना कम हो जाता हैं | फिर उनमे से एक सबसे खुशमिजाज लड़का टूटते तारों को अपने फार्म हॉउस से देखने का प्लान बना,  चालाँकि से दोनों दोस्तों  को बुला लेता हैं | 


तीनो वहां अच्छा समय बीताते हैं और टूटते तारो को देखते   तीनो के दिल से एक साथ निकलता हैं कि काश ये समय यही रुक जाए | टूटते तारे उनकी इच्छा पूरी कर देतें हैं और समय वही रूक जाता हैं | वो वापस उस सामान्य  समय में नहीं  जाना चाहते क्योकि वहां दुःख  , यादे , मौत , तनाव , बिछड़ना और बहुत कुछ हैं | 


हमारी बिटिया के स्कूल में हर साल नए क्लास में जाने पर सभी सेक्शन के बच्चो को मिक्स कर उन्हें फिर से अलग अलग डिवीजन में भेज दिया जाता हैं | नतीजा हर साल क्लास में हर किसी के बहुत से  दोस्त उनसे अलग हो जाते हैं | मुझे स्कूल का ये तरीका बहुत क्रूर लगता हैं ज़रा भी पसंद नहीं हैं  |  हमें लगता इस तरह तो मेरी बिटिया का कोई बेस्ट फ्रेंड ही नहीं बनेगा | किसी का कोई बेस्ट फ्रेंड ना होना समझिये जीवन की बहुत बड़ी कमी हैं | वो खुशियों के एक बहुत बड़े खजाने  से अनजान  हैं | 

इस चक्कर में बहुत सारे बच्चे ऐसे हैं जिनका कोई बेस्ट फ्रेंड ही नहीं हैं क्योकि हर साल कुछ दोस्त साथ आते हैं तो कुछ छूट जाते हैं | फिर नए क्लास के   बच्चो से नयी दोस्तियां हो जाती हैं , अगले साल उसमे से भी कुछ छूट जाते हैं | 


मैंने हर साल देखा   हैं की दो तीन  दोस्तों को छोड़ बिटिया के हर जन्मदिन पर  नए बच्चे आते | | बिटिया जब सातवीं में आयी तो कुछ बड़ी हो गयी थी और दोस्तियों का मतलब अच्छे   समझने लगी थी | वहां उनके छः और अच्छे दोस्त बने जिनमे से ज्यादतर को वो बहुत पहले  से जानती थी पर फ्रेंड जैसे नहीं थे | 


फिर दोस्तों के साथ सिर्फ  खेलने से कहीं ज्यादा नजदियाँ बढ़ी | एक दूसरे से अपनी पसंद ना  पसंद बाटी , विचारो का ज्यादा आदान प्रदान हुआ ,  साथ में  स्कूल से बाहर भी मिलना , एक दूसरे के घर जाना बहुत कुछ हुआ और वो बेस्ट फ्रेंड बन गए  | 

फिर आया आठवीं में जाने का समय | सब बहुत दुखी हुयी कि अब हम फिर अलग हो जायेंगे | एक दूसरे को गिफ्ट दिया ,  रोये गाये भी , परीक्षा के आखिरी दिन उन्होंने ने एक साथ एक मित्र के घर नाइट स्टे भी किया |  वो बिलकुल अलग नहीं होना चाहते थे | 


दस दिन की छुट्टियों के बाद  वो आठवीं में गए और पांच दिन बाद ही स्कूल फिर से बंद हो गया | न नए क्लास में गए ना नए लोगों से मिले और ना नए फ्रेंड बने | परिणाम ये हुआ कि वो सातवीं वाले पुराने दोस्तों के ही संपर्क में रहें | इंटरनेट ने फिजिकली साथ ना होने की कमी ही महसूस नहीं होने दी | फिर इन ख़राब हालातों में सभी के मम्मी पापा ने बच्चो को  मोबाईल दिया बल्कि उनसे दोस्तों से लगातार जुड़े रहने की छूट दी | 


आठवीं में उन सबका फेवरेट बैंड , किताबे , फिल्मो , गेम आदि इत्यादि की लिस्ट थी | बर्थडे पर रात के बारह बजे विश करना हो या दोस्तों के ले  वीडियों और गाना बनाना | छूट मिलने पर एक दूसरे के घर भी गए और बाहर घूमने भी | नौवीं में उनके सब्जेक्ट भी अलग हो गए किसी ने साइंस लिया तो किसी ने कॉमर्स लेकिन दोस्तियां वही बनी हुयी हैं | अब वो इतनी मजबूत तो हो गयी  हैं कि स्कूल खुलने के बाद भी उनके नए दोस्त शायद ही बने |  ये दोस्ती तब भी ऐसे ही बनी रहेगी  | 


दो दिन पहले "गोर्टिमर" सीरीज में टूटते तारो और उससे विश मांगते दोस्तों वाला एपिसोड देखते मैं भी मन में सोचने लगी क्या सातवीं में नाइट स्टे वाले दिन इन सबने भी कोई ऐसी विश मांग ली थी क्या |  

July 24, 2022

ओटीटी सीरीज

अगर कुछ सस्पेंस , एक्शन और थ्रिलिंग देखने में रुची हो तो अमेज़न पर हाना  (Hanna)  देख सकते हैं | चुकी कहानी में सस्पेंस हैं तो कहानी यहाँ नहीं बताई जा सकती हैं | कहानी के बारे में कुछ भी कहना कहानी के रहस्य को बताने जैसा होगा  |  बस  इतना कहा जा सकता हैं कि दुनिया के ताकतवर देश और उनमे रहने वाले ताकतवर प्रभावशाली लोग अपनी सत्ता और पावर को बनाये रखने के लिए किस तरह के रहस्मयी प्रोग्राम चलाते हैं | इस तरह के प्रोग्राम चलाने के लिए सभी देशो के ताकतवर लोग एक दूसरे क साथ देते हैं और एक होते हैं | 


इनमे काम करने वाले भी ये जानते हुए भी कि वो गलत कर रहें हैं फिर भी चुप रहते हैं क्योकि उन्हें पता होता  हैं कि वो उन प्रभावशाली लोगों का कुछ बिगाड़  नहीं सकते हैं |  वो बदल भी जाए तो  भी वो ज्यादा कुछ कर नहीं सकते हैं क्योकि फिर उनकी ही जान पर बन आती हैं  |  दुनियाँ के सामने ऐसे प्रोग्राम  आ जाए या आ जाने का डर हो तो उन्हें बंद करने का नाटक किया जाता हैं जबकि वास्तव में वो कभी बंद नहीं होते या दूसरे तरीको से उन्हें शुरू कर दिया जाता हैं | 


हिंदी सब टाइटल के साथ इसका तीसरा और संभवतः फ़ाइनल  सीजन आ  चूका हैं | पहला और दूसरा सीज़न आठ आठ एपिसोड का है और तीसरा छः एपिसोड का हैं |  वैसे इसी नाम और पहले सीजन की कहानी पर 2011 में फिल्म भी बन चुकी हैं | 





June 16, 2022

ओटीटी सीरीज मॉर्डर्न लव

कहते हैं किसी किताब के कवर से किताब को जज नहीं करना चाहिए  वैसे ही किसी सीरीज के  नाम से सीरीज को जज नहीं करना चाहिए | अमेज़न  पर आ रहा मॉर्डर्न लव इसी बात को साबित करता हैं  | नाम से यही लगता हैं जैसे आज के ज़माने के किसी लव स्टोरी की बात होगी लेकिन देखने पर पता चलता हैं ये वास्तव मे इंसानी रिश्तों इंसानो के बीच हर तरह के प्यार को दिखाता हैं | 


हर एपिसोड में अलग अलग कहानियों को दिखाया गया हैं और पहली ही कड़ी में ये हमारी उस धारणा को तोड़ देता हैं जो नाम के कारण हमारे दिल  दिमाग में होता हैं | पहली कहानी एक  ईमारत मे रह रही एक युवा लड़की और इमारतके दरबान के बीच के अनकहे से पिता पुत्री जैसा या गार्जियन जो भी समझिये के प्रेम को दिखाता हैं |   

युवा प्रेमकहानी भी हैं और वृद्धावस्था में हुआ प्रेम और विवाह भी हैं | एक कहानी गे कपल और उन्हें अपना बच्चा देने वाली गर्भवती लड़की के बीच रिश्तो पर हैं तो एक कहानी विवाह बचाने के लिए संघर्ष कर रहे जोड़े की भी हैं | दो कहानियां मिलने और बिछड़ने का एक ऐसा किस्सा दिखाती हैं कि अंत में ओह निकल जाए | एक कहानी ऑफिस में काम कर रहे दो अलग उम्र के लोगों के बीच  रिश्तो को लेकर गलतफहमी पर हैं | दोस्ती और  प्रेम की गलतफहमी में जी रहे कॉलेज के दोस्तों की भी कहानी  हैं |  एक कहानी में डिप्रेशन से जूझती लड़की को बाहर निकालने कोई   प्रेमी नहीं कोई और आता हैं  |


दूसरे सीजन की पहली  कहानियां दो बस दिल ही छू लेती हैं |    दूसरे विवाह में खुशहाल जीवन जी रही महिला का पहले पति के लिए  बचा प्रेम हैं | तो दूसरी कहानी हमारी लॉकडाउन की यादे ताजा कर देती हैं जिसमे  पहले  लॉकडाउन के समय उपजा प्रेम फिर उससे बिछड़ना और फिर लॉकडाउन के बीच ना मिल पाने का दुःख |  

दोनों सीज़न  आठ आठ एपिसोड का हैं ,  हिंदी सबटाइटल के साथ |   निर्माता के दावेके अनुसार ये सभी कहानियां सच्ची हैं और हमें तो  सब अच्छी लगी | कुछ हल्का फुलका देखना हो जो एक ही एपिसोड में ख़त्म हो जाये आगे के लिए रुकना ना पड़े , जो दिल दिमाग  को तनाव और दुःख ना दे कर सकून दे तो देख सकते हैं ये सीरीज | 

#देखासुना