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June 27, 2022

फ्यूजन या कंफ्यूजन

 दो अलग तरह के खानो को मिला कर कुछ नया बनाना या पारंपरिक खानो को अलग रूप  देने में कभी कभी वो फ्यूजन नहीं कंफ्यूजन ज्यादा लगता हैं | अपनी कहूं तो मैं इडली को सांभर की कटोरी में डाल कर खाती हूँ , चम्मच में सांभर  से तर इडली सांभर के साथ मुंह में जाती  हैं | | अब आसक्रीम स्टिक वाली  इडली आ गयी है अब इसे  सांभर की कटोरी में डूबा कर खायेंगे तो वो स्वाद आने से रहा   | 

 वही चाइनीज खाने को  ले लीजिये तो यहाँ उसको इतना चटपटा बना कर भारतीयकरण कर दिया गया हैं कि हम लोगों को वही भाता हैं | असली चाइनीज खाना तो हमें अच्छा ही ना लगे और चीनियों का भारत में बना चाइनीज खाना ना बर्दास्त हो |  

 शुरू में मुंबई आयी तो मुझे यहाँ की सांभर और डोसा के अंदर का मसाला पसंद ही नहीं आता | बनारस का अपना चटपटा स्वाद होता हैं । यहाँ तो लगता सांभर में चीनी मिला दी हैं और डोसे में मसाला आलू की जगह आलू का सादा चोखा भर दिया हैं | धीरे धीरे यहाँ के स्वाद की आदत लगी जिसमे मराठी तीखापन और गुजराती मीठापन आपस में घुला मिला हैं | लेकिन स्प्रिंग डोसा , मैसूर डोसा , पावभाजी डोसा , चिप्स डोसा , चॉकलेट डोसा आदि कभी नहीं भाया | डोसा तो अपने पारंपरिक रूप में ही सही लगा | 


मैं अपने घर में बनाये पिज्जा में पिज्जा सॉस के साथ कभी कभी सेजवान चटनी भी डाल देतीं थी शुरू में | लगता कितना सादा बेस्वाद हैं चटनी से तो मजा आया उसमे | बाद में चीज  आदि दो तीन तरह का मिक्स करना शरू किया बाजार में मिलने वाले दो तीन तरह के हर्ब डालना शुरू किया तब जा कर कुछ  स्वाद आना शुरू हुआ | लेकिन सेजवान चटनी वाला फ्यूजन भी मजेदार था | 


समोसे में आलू के अलावा किसी चीज की कल्पना भी नहीं कर सकते थे लेकिन मुंबई में चाइनीज समोसा पहली बार में ही भा गया | उसमे  मैदे को पतला बेलते हैं भरने के लिए चाइनीज में पड़ने वाली सब्जियां होती हैं और उन्हें तलने से पहले मैदे के पतले से घोल में डूबा का  फिर तलते हैं | नतीजा वो बहुत कुरकुरा क्रंची बनता हैं खस्ता होने की जगह  | वैसे भूलना नहीं चाहिए कि भारत में जब समोसा आया था तो  उसमे कीमा भरा जाता था , उसमे आलू तो हमने भरना शुरू किया था | 


अभी गणपति पर ठोकवा बनाया था हमारे यहाँ तो उस पर कोई डिजाइन नहीं बनाते हैं लेकिन बिहारी ठोकवे में डिजायन देखती थी तो इसबार मैंने भी कुछ ट्राई किया | फिर लगा क्या वही पारंपरिक डिजाइन बनाये कुछ और गणित के रेखाचित्र बनाते हैं | अगली बार पहले से तैयारी रखूंगी तो कुछ फूलपत्ती बनाउंगी | बिटिया गणेश जी बनाकर डाल दी | एक पर पहाड़ नदी वाला सीनरी भी बनायीं थी | 


मतलब कभी कदार खाने के साथ  कुछ  नये प्रयोग  करते रहना चाहिए  क्या पता कब कुछ  नया स्वाद  हाथ  लग जाये ।