प्राइम पर आ रहे सीरीज मॉडर्न लव मुंबई के एक एपिसोड में नायिका लतिका कहती हैं कि शादी के बीस साल साथ गुजारने के बाद खुद को नोबेल पीस प्राइज देना चाहिए | तो हमने खुद को दे लिया नोबेल पीस प्राइज | उसके हिसाब से शादी वाले दिन लोगों को कोन्ग्रेच्युलेशन , ब्लेस यु काहे कह रहें हैं कौन सा तीर मारा हैं बेस्ट ऑफ़ लक कहना चाहिए क्योकि खेल तो अभी शुरू हुआ हैं |
कोन्ग्रेच्युलेशन तो पहली सालगिरह पर करना चाहिए वो तब ही कहने लायक हैं | वास्तव में तो हर शादी की सालगिरह किसी युद्ध जीतने से कम नहीं हैं और हर बार उन्हें वॉर मैडल मिलना चाहिए | जब बीस साल गुजर जाए तो नोबेल पीस प्राइज देना चाहिए खुद को |
पति जब अपनी गलती नादानी पर हँसते कहता हैं कि तुम तो मुझसे प्यार करती हो ,तो कहती हैं लेकिन वो हर साल थोड़ा थोड़ा कम हो रहा हैं |
बस इसी प्यार को ख़त्म हो जाने की इंतज़ार में जीवन निकल जाता हैं लेकिन वो कभी ख़त्म नहीं होता | जब तक प्यार का एक कतरा भी अंदर बचा होता हैं तो साथ बना रहता हैं | तमाम परेशानियों शिकायतों झगडे लड़ाइयों के बाद भी ये अंदर बचा प्यार ही होता हैं जो साथ रहने का कारण बना होता हैं |
कभी कभी अपनी इच्छाएं , अपनी जरूरते पूरा ना होना वक्त पर साथ खड़ा ना होना खलता हैं लेकिन उसे पूरी करने की कोशिश करता व्यक्ति उम्मीदे ख़त्म होने नहीं देता | कोशिशे एक दूसरे को खुश रखने की एक दूसरे की जरूरतों को , एक दूसरे को समझने की | भले ये कोशिशे सफल ना हो कभी कभी लेकिन उनको करते रहना ही काफी होता हैं साथ बनाये रखने के लिए |