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December 23, 2019

सीखना सिखाना अब बेटों को हैं --------mangopeople


                                          नीचे  अखबार की खबर पढ़िए और उसमे ये सब करने वाले बच्चों की उमर देखिये | मुंबई में देश के सबसे बड़े उद्योगपति के स्कूल में ये सब हुआ हैं | १३ से १४ साल के लड़कों के व्हाट्सएप्प ग्रुप में लडके स्कूल की कुछ लड़कियों का नाम ले कर एक दूसरे से पूछतें हैं क्या तुमने इसके साथ सेक्स किया हैं उसके साथ सेक्स किया हैं | जवाब  ना  में मिलने पर  कहतें हैं चलों इनका गैंग रेप करतें हैं |

                                          इनकी पोल ऐसे खुली कि एक लड़का जो उस समय सो रहा था वो इस बातचीत में शामिल नहीं हुआ | इस पर बाकी लडके उसका नाम लेकर उसे बुलिंग करने लगे,  उसे गे कहने लगे | अगले दिन जब उसने ये सारा चैट देखा तो उसने पूरी चैट उन लड़कियों से शेयर कर दिया जिनका नाम इसमें लिया जा रहा था | फिर उनके माता पिता ने स्कूल में जा कर शिकायत की और सभी नौ लड़कों को  ( पोल खोलने वाले लड़के को छोड़ कर ) सस्पेंड कर दिया और मामले को वार्षिक समारोह तक के लिए ताल दिया गया |

                                        आई बी स्कूल हैं के ये बच्चे किसी गरीब बस्ती के गरीब , संस्कारहीन  घरों से नहीं आ रहें हैं बल्कि सब के सब मुंबई के  अमीर और पढ़े लिखे के घरों से हैं | इनके माँ बाप की समाज में खूब प्रतिष्ठा हैं और सभी उन्हें जानते हैं | एक सस्पेंड लड़का एक पुराने फिल्मअभिनेता का नाती हैं जिनका राजनीति में भी काफी नाम था और आजकल उनकी बेटी राजनीति  की  विरासत को आगे बढ़ा रही हैं |
आप जानकार आश्चर्य करेंगे कि एक लड़की उसी लडके के मामा की दूसरी पत्नी ( उनसे भी तलाक हो )  दूसरे पति जो एक नामी खिलाड़ी हैं की बेटी हैं |

                                       एक लड़की देश के बहुत बड़े उद्योगपति जो अक्सर आपको पेजथ्री पार्टी में भी नजर आतें हैं , अक्सर उनका ही सरनेम फिल्मो सीरियल में अमीरों के लिए होता है , की बेटी हैं |
एक लड़की के  माता पिता मशहूर मॉडल रह चुके हैं और पिता एक फिल्म स्टार हैं जिनका अभी हाल में ही तलाक हुआ हैं |

                                      चुकी लड़कियां भी बड़े घरों से थी तो कोई दबा नहीं और तुरंत स्कूल में शिकायत की गई | लेकिन नतीजा क्या निकला वही जो आम से स्कूल ऐसे मामलों में करतें हैं , खबर को दबाना , लड़कों को सिर्फ सस्पेंड करना , मामले को किसी ना किसी बहाने आगे के लिए टाल  देना |
लड़कों के माँ बाप का रवैया तो और भी चौकाता हैं |  वो कहतें हैं ये तो लड़कों की चुहलबाजी मजाक था , इसे ऐसे गंभीरता से क्यों लिया जा रहा हैं | लडके तो ऐसा बोलतें ही हैं कि चलो ये करतें हैं चालों वो करतें हैं , पर उनका वो मतलब नहीं होता हैं |

                                     पूरी खबर पढ़ने के बाद आप को कहीं से भी ये नहीं लगेगा  कि ये सब समाज के संभ्रात पढ़े लिखे लोगों के बीच की बात हैं | स्कूल का , या लड़कों के माँ बाप किसी का भी रवैया  वैसा ही हैं जैसे की किसी अन्य भारतीय माध्यम या निम्न घरों के लोगों का होता | लडको को लडके होने के नाम पर कुछ भी करने की आजादी देने वाल |

                                     लड़कियां भी वही आम लड़कियों जैसी ही हैं सबके सब डरी हुई हैं और स्कूल जाने से डर   रही हैं | खबर अखबार में इसलिए आ गई क्योकि लड़कियों  के माता पिता सेलेब्रेटी हैं और पत्रकारों से जुड़े हैं | मन तो ये भी जा रहा हैं कि ये खबर दो हफ्ते बाद जानबूझ कर तब लिक किया गया जब वार्षिक समारोह होने वाला था | ताकि स्कूल पर कोई दबाव पड़े उन लड़कों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करने के  लिए |

                                हे प्रभु ,  इस देश में लड़कियां कहीं भी सुरक्षित नहीं हैं , क्योकि लड़कों की मानसिकता ये समाज सुधारना ही नहीं चाहता हैं |

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September 23, 2019

स्कूलों में मिलती ये कैसी सीख -------mangopeople

                                       हम अपने बच्चों को अच्छे से अच्छे महंगे नीजि स्कूलों में भेजते हैं इस उम्मीद में कि वो वहां अच्छी पढाई के साथ कुछ अच्छे संस्कार , अच्छी बातें और पढाई से इतर एक अच्छे मनुष्य बनने की शिक्षा लेंगे | लेकिन वही महंगे पब्लिक स्कूल उन बच्चों को क्या सीखा सकता , उन्हें कितनी गलत बातें और झूठ सीखा सकता हैं हम अंदाजा भी नहीं लगा सकतें हैं |
                                       बहन के घर के बगल में एक पार्क हैं उजड़ा हुआ , अभी तक हरियाणा सरकार के विकास के मैप में वो पार्क  नहीं आया हैं , इसलिए खाली मैदान के रूप में पड़ा हुआ हैं |
पिछले शनिवार कुछ सरकारी स्कूल के बच्चे और टीचर वहां आ कर ढेर सारे पेड़ लगा गए | संभव हैं कि किसी सरकारी आदेश पर्यावरण संरक्षण आदि के तहत ऐसा किया गया हो |छठी या सातवीं के छोटे बच्चे अपने साथ ढेरो पेड़ लायें थे और तेज बारिश होने के बाद भी गीली मिटटी में गंदे होते हुए भी गड्ढे खोद कर अच्छे से पेड़ लगा दिया | दो दिन बाद और भी बच्चे आये और किसी दूसरे पार्क में भी पेड़ लगा गयें | साथ में पेड़ों को लगाते और उनके साथ फोटो भी खिंचवायें गयें बच्चों और टीचर के |
                                       दो तीन दिन बाद  अचानक से वहां दो बसों में भर कर  किसी दूसरे  सेक्टर के एक नामी और बड़े नीजि स्कूल के बच्चे फिर उसी पार्क में अपनी टीचर के साथ आयें और सरकारी स्कूल के बच्चों द्वारा लगाएं गयें पेड़ों के साथ फोटो खिंचवाने लगे | जब बहन ने पूछा ये क्या हो रहा हैं तो बताया गया हम सब पेड़ लगाने आयें हैं | बहन ने सवाल किया कि  पेड़  कहाँ लगाया तो उसने वहां पहले से ही लगे पेड़ की और इशारा कर दिया जिसके साथ उसकी फोटो उसकी टीचर ले रही थी | फिर बहन ने  टोका ये तो पेड़ पहले से ही लगा था जो सरकारी स्कूल के बच्चों ने लगाया था तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया और अपना फोटो लेना जारी रखा |
                                     घंटे भर तक बच्चे सरकारी स्कूल के बच्चों की मेहनत को अपनी मेहनत बताने के लिए सभी पेड़ों के साथ फोटो लेते रहें | हद तो तब हो गई जब उन टीचरों ने लोगों के घरों के आगे लगे पेड़ , पौधों के साथ भी फोटो लेना शुरू कर दिया | उसके लिए बाकायदा बच्चों को निर्देश दिए जा रहें थे कि जिनके आगे लोहे के जंगले लगे हैं उनके साथ फोटो ना ली जाए | इस तरह उन्हें अपने पकड़े जाने का डर रहा होगा |
                                    सोचिये स्कूल के टीचर , प्रिंसपल बच्चों का कितना कुछ  गलत सीखा रहें थे | झूठ बोलना , बेईमानी करना , दूसरों की मेहनत को अपना बताना , एक तरह से अपराध करना ना केवल सीखा रहें थे उनसे वो करवा भी रहें थे | संभव हैं इसके पीछे सरकारी पैसे की लूट भी हो | बहन ने बस फोटो नहीं लिया हैं उन लोगों का , लिया होता तो फोटो के साथ  शिक्षा विभाग और स्कूल की  को भी टैग करती इस अपराध के लिए | एक पेड़ लगाना किसी नीजि स्कूल के लिए क्या इतना मुश्किल था कि वो इतना निचे गिर कर बच्चों से ऐसे अपराध करवा रहें थे | ये तो हद के बहुत आगे का अपराध हैं |