Showing posts with label बीमारी. Show all posts
Showing posts with label बीमारी. Show all posts

June 30, 2022

समय पर बीमारी की पहचान है जरूरी

हफ्ते भर पहले छोटी बहन के बॉस के पंद्रह वर्षीय बेटे की ब्लड कैंसर से मौत हो गयी | दो साल पहले ही कैंसर के बारे में पता चला बाकी तमाम इलाज के बाद इस अप्रैल उसका आखिरी इलाज के रूप में बोनमैरो ट्रांसप्लांट हुआ था | रक्षा बंधन पर घर आते ही इंफेक्शन हुआ और मौत हो गयी | 

कैंसर और दूसरी तमाम जानलेवा बीमारियों में ज्यादातर मौत इस कारण होता हैं कि बिमारी का पता ही देर से चलता हैं | मेरे चाचा ससुर को भी उन्नीस साल पहले ब्लड कैंसर हुआ थे लेकिन वो पहले  चरण में ही पकड़ा गया , नतीजा वो कैंसर से ठीक भी हो गए  और आज भी जीवित हैं | बस निमोनिया के इलाज के लिए अस्पताल में उस समय भर्ती हुए थे और कोई ख़ास समस्या नहीं थी |  लेकिन डॉक्टर ने शरीर के अंदुरुनी लक्षणों को देखते उनकी जाँच कराई और बीमारी का पता चल गया | 


जानलेवा क्या कई बार सामान्य बीमारियों को समझने में भी डॉक्टर को सालों लग जाते हैं |  मेरी मौसी को पैर में दर्द रहता था और बार बार बुखार आता था | साल बीत गया डॉक्टर समझ ही नहीं पा रहें थे कि क्या हुआ है | एक डॉक्टर ने कह दिया कि घुटने जाम हो रहें हैं सुबह टहलना शुरू कीजिये | 

वो तो शुक्र हैं मेरी वजह से अनजाने में उनकी बिमारी का पता चल गया |  अपनी एक मित्र को दिखाने एक  हड्डी के डॉक्टर के पास गयी थी | वहां  एक बारह साल की बच्ची आयी थी जिसका पैर के फोड़े का ऑपरेशन होना था | ऊपर से एकदम सामान्य दिख रहा था पैर , फोड़ा उसकी हड्डियों में था | उसे देख मैने मौसी  को उसी डॉक्टर को दिखाने के  लिए कहा , तब पता चला मौसी को बोन टीबी हैं | देरी का नतीजा ये हुआ कि तब तक उनकी आधी हड्डी गल चुकी थी | सालभर इलाज के बाद वो ठीक हो गयी | 


कई बार ऐसा भी होता हैं कि समस्या कहीं और होती हैं और लक्षण कुछ और ही दिखाई देते हैं | ऐसे में अनुभवी या उस विषय का विशेषज्ञ ही बिमारी पकड़ पाता हैं | जिस मित्र को लेकर हड्डी के डॉक्टर के पास गयी थी उन्हें बाइस तेईस की उम्र में जोड़ो का दर्द हो रहा था | इलाज के बाद जोड़ो का दर्द ठीक हुआ तो फिर पता चला पीलिया हो गया हैं लिवर में समस्या आ गयी हैं | 


एकदिन वो अपनी बहन को लेकर दांत के डॉक्टर के पास गयी तार लगवाने । वो खुद भी एक साल से दांतों में तार लगवाई हुयी थी लेकिन दूसरे  डॉक्टर से |  उस डॉक्टर ने जब इन्हे बोलते देखा तो उसे कुछ ठीक नहीं लगा बोली पहले आपके तार की जाँच करती हूँ | जाँच करते ही उसने पूछा क्या तुम्हे जोड़ो का दर्द और लिवर में समस्या हैं | मित्र के हां में जवाब देते उसने बताया ये सब तुम्हारे गलत तरीके से दांतों में तार लगाए जाने के कारण हैं | तार को इतना ज्यादा टाइट  किया गया हैं कि तुम्हारे पुरे मसूड़े हिल गए हैं | अभी इसका इलाज नहीं हुआ तो इसके बाद तुम्हारे  किडनी और दिल पर इसका असर होता | तीन चार घंटे का उनका ऑपरेशन करके मसूड़ों को सेट किया गया और वो ठीक हुयी | 


सोचिये दांतों में गलत तरीके से लगा तार पूरे शरीर के जरूरी अंगो पर असर डाल सकता हैं कोई  कभी सोच भी नहीं सकता था | जमाने पहले मेरी मम्मी के दिल की धड़कने इतनी बढ़ गयी थी कि पास खड़ा आदमी सुन ले | घर में लोग हार्ट के डॉक्टर के पास चक्कर लगाते रहें महीनो तक , अंत में एक सरकारी डॉक्टर ने पकड़ा की उन्हें थायराइड हैं | 

उस जमाने में माइग्रेन आज की तरह आमबात नहीं होती थी | मेरे मम्मी की सर दर्द पर डॉक्टरों ने उन्हें प्रयोगशाला का चूहा बना दिया था | जिस डॉक्टर को जो समझ आता वही इलाज दवा शुरू कर देता | यहाँ तक की मम्मी को मनोचिकित्सक  के पास भी ले गए पापा और वो गधा , तुम्हे सास से परेशानी हैं , क्या तुम्हे पति परेशान करते  सवालों पर ही अटका रहा | दवा के नाम  पर शरीर और दिमाग को सुस्त  करने वाली गोली दे देता | उससे मम्मी और ज्यादा बीमार महसूस करती | 


आसपास ना जाने कितने लोगों को देखा हैं जिनकी बिमारी बड़ी हो गयी या बहुत ज्यादा दर्द , परेशानी  झेला क्योकि बिमारी ही किसी डॉक्टर को समझ नहीं आ रही थी |   सही समय पर सही बीमारी और  उसका  सही इलाज मिल जाए तो ना जाने कितने लोगों की जान बच जाए |